+

राजस्थान : 3 दिन में कोरोना वैक्सीन के 622 डोज हुए खराब, CM गहलोत ने व्यक्त की चिंता

केंद्र ने वैक्सीनेशन अभियान से पहले ही सभी राज्यों को निर्देश दिए थे कि टीके की एक भी बूंद बर्बाद न की जाए। तय किया था कि जिनके नाम सूची में हैं, उनके अलावा भी कुछ के नाम रिजर्व में रखे जाएं, लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं हुआ।
राजस्थान : 3 दिन में कोरोना वैक्सीन के 622 डोज हुए खराब, CM गहलोत ने व्यक्त की चिंता
केंद्र ने वैक्सीनेशन अभियान से पहले ही सभी राज्यों को निर्देश दिए थे कि टीके की एक भी बूंद बर्बाद न की जाए। तय किया था कि जिनके नाम सूची में हैं, उनके अलावा भी कुछ के नाम रिजर्व में रखे जाएं, लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं हुआ। सिर्फ 3 दिन में 14 जिलों में 622 डोज बर्बाद हो गईं। जयपुर में सबसे ज्यादा 158 डोज और बाकी के 13 जिलों में भी टीके की डोज खराब हुईं है। 
टीकाकरण अभियान में सरकार के द्वारा जारी किये गए निर्देशों पर ही काम करना होता है। टीकाकरण के पहले एक सूची तैयार की जाती है और उसी हिसाब से वैक्सीनेशन किया जाता है। लेकिन समस्या यह है कि सेंटर पर 10 के गुणांक में लोग नहीं आते हैं तो डोज बर्बाद होती है। क्योंकि एक वॉयल में 10 डोज होती हैं और एक बार खुलने के बाद वह 4 घंटे तक ही इस्तेमाल की जा सकती है।  
जैसे 100 लोगों को डोज लगनी है, पर टीकाकरण के लिए 63 लोग आए तो ऐसे में 7 डोज बेकार हो जाती हैं। ऐसे में डोज ख़राब न होने पाए इसका एक ही तरीका है कि स्वास्थ्यकर्मियों को पहले से ही कॉल करके 100 लोगों को सुनिश्चित किया जा सकता है। ताकि सभी रजिस्टर्ड लोग उसी तय दिन पर आएं। यदि लोग सही अनुपात में नहीं आते हैं तो रिजर्व में रखे गए लोग बुलाए जाएं। सेंटर बेहतर समन्वय करके बर्बादी रोकें।
राजस्थान के लिए कोरोना टीके की दूसरी खेप भी बुधवार को आ गई। इस बार केवल कोविशील्ड के 5,50,500 टीके आए है। पहली खेप में 5,63,500 टीके आए थे। 6 दिन बाद ही दूसरी खेप भी भेज दी गई। राजस्थान में कोविशील्ड के टीके लगाए जा रहे हैं, जबकि ट्रायल भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का हुआ था।  
राजस्थान में कोरोना वैक्सीन लगवाने वालों की लगातार संख्या में आ रही कमी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर अशोक गहलोत ने लिखा कि वैक्सीनेशन के लिए हेल्थ वर्कर्स कम संख्या में आगे आए हैं। 
दोनों वैक्सीन निर्माता कंपनियों के बीच व्यवसायिक कारणों से हुई बयानबाजी भी इसका कारण है। कल भारत बायोटेक ने अपनी वैक्सीन को लेकर गाइडलाइन जारी की है। ये गाइडलाइन पहले ही जारी की जाती तो लोगों का वैक्सीन पर भरोसा बढ़ता। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट लिखते हुए सभी हेल्थ वर्कर्स से वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आने की अपील की है। 

facebook twitter instagram