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छत्तीसगढ़ : जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र को किया निलंबित

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पुत्रवधु ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र को निलंबित कर दिया है।
छत्तीसगढ़ : जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र को किया निलंबित
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पुत्रवधु ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र को निलंबित कर दिया है। समिति के अध्यक्ष और अतिरिक्त कलेक्टर राजेश नशीने ने बताया कि ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र की छानबीन सत्यापन समिति ने की है। सत्यापन के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों की समीक्षा की गई। जाति प्रमाण पत्र संदेह से परे साबित नहीं हुआ है। इसलिए अभी इसे निलंबित कर दिया गया है। इसे आगे की जांच के लिए राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय छानबीन समिति के पास भेजा जाएगा।
नशीने ने बताया कि ऋचा रुपाली साधू (जोगी) से जाति प्रमाण पत्र के संबंध में अभिलेख और जवाब मांगा गया था, उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समिति को संतुष्ट नहीं करता है। मुंगेली जिले के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने जाति प्रमाण पत्र की छानबीन के लिए जिला स्तर पर समिति का गठन किया है। इस समिति को जाति प्रमाण पत्र को निलंबित करने का अधिकार है। अधिकारियों ने बताया कि अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी को मुंगेली जिले में 17 जुलाई को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया था। बाद में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष संतकुमार नेताम ने सितंबर माह में जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति से ऋचा जोगी की जाति को लेकर शिकायत की थी। शिकायत के बाद समिति ने छानबीन शुरू की थी तथा जोगी को अपना पक्ष और दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा था। नोटिस के जवाब में ऋचा जोगी के भाई ऋषभ साधु ने सत्यापन समिति के समक्ष जवाब प्रस्तुत करते हुए दस्तावेज पेश किया था। 
साथ ही बाकी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समिति से कुछ समय की मांग की थी। उन्होंने बताया कि सत्यापन समिति ने इस मामले की छानबीन के बाद ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र को निलंबित करने का फैसला किया है। ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र के निलंबन पर उनके पति और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा है कि ऋचा जोगी का प्रमाण पत्र राजनीतिक दबाव और दुर्भावना में केवल इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि वह अजीत जोगी और डॉक्टर रेनु जोगी की बहु हैं और मेरे बेटे की मां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसी भी सूरत में मेरे परिवार को चुनाव लड़ने से रोकना चाहती है। जोगी ने कहा है कि मुंगेली जिला जाति सत्यापन समिति को केवल ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र निलंबित करने का अधिकार है और जब तक उनका प्रमाण पत्र पूर्ण रूप से निरस्त नहीं किया जाता है, उनके नामांकन पत्र को स्वीकार करने के अलावा निर्वाचन अधिकारी के पास कोई दूसरा वैधानिक विकल्प नहीं है। 
उन्होंने कहा कि इस संबंध वह पहले से ही उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुके हैं तथा इसकी सूचना मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी दे चुके हैं। छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित मरवाही विधानसभा सीट के लिए तीन नवंबर को मतदान होगा। इस सीट के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर है। राज्य निर्माण के बाद से यह सीट जोगी परिवार के पास है तथा माना जा रहा है कि अमित जोगी या उनकी पत्नी ऋचा जोगी इस सीट से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के उम्मीदवार हो सकते हैं। राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मृत्यु के बाद से यह सीट रिक्त है। पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को अमित जोगी और उनकी पत्नी इस सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। 

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