Top NewsWorldOther StatesBusiness
Sports | CricketOther Games
Bollywood KesariHoroscopeHealth & LifestyleViral NewsTech & AutoGadgetsvastu-tipsExplainer
Advertisement

पाँचवे टेस्ट में हार के पांच कारण जिसे टीम इंडिया फिर कभी दोहराना नहीं चाहेगी।

इस टेस्ट सीरीज में भारत 2-1 से आगे होने के बाद भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई,पांचवे मैच में भी पहले तीन दिन मैच में अपनी पकड़ बनाने के बाद मैच को हरना किसी को रास नहीं आ रहा है। 378 रन का टारगेट होने के बावजूद भारत ये मैच हार गया,इसे पहले भारत कभी भी 340 से ऊपर का टारगेट देने के बाद हारा नहीं था।

12:56 PM Jul 06, 2022 IST | Desk Team

इस टेस्ट सीरीज में भारत 2-1 से आगे होने के बाद भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई,पांचवे मैच में भी पहले तीन दिन मैच में अपनी पकड़ बनाने के बाद मैच को हरना किसी को रास नहीं आ रहा है। 378 रन का टारगेट होने के बावजूद भारत ये मैच हार गया,इसे पहले भारत कभी भी 340 से ऊपर का टारगेट देने के बाद हारा नहीं था।

 बर्मिंघम में खेले गए पांचवे टेस्ट मैच में भारत को इंग्लैंड से 7 विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी। विदेश में भारत की ये लगातार तीसरी हार है, इसे पहले साउथ अफ्रीका में भी जोहनेसबर्ग और केप टाउन टेस्ट में भारत को हार मिली थी। अब भारत को सोचना होगा की उनसे क्या गलती हो रही है,क्यूंकि ये एक मैच या एक सीरीज की कहानी नहीं है,इंग्लैंड में भारत पिछले 15 साल से कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीता है। वहीं साउथ अफ्रीका में भारत को पहली टेस्ट सीरीज का अभी भी इंतज़ार है। 
Advertisement
इस टेस्ट सीरीज में भारत 2-1 से आगे होने के बाद भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई,पांचवे मैच में भी पहले तीन दिन मैच में अपनी पकड़ बनाने के बाद मैच को हरना किसी को रास नहीं आ रहा है। 378 रन का टारगेट होने के बावजूद भारत ये मैच हार गया,इसे पहले भारत कभी भी 340 से ऊपर का टारगेट देने के बाद हारा नहीं था। 
भारत के हारने के पांच कारण – 
1. भारतीय बल्लेबाज़ों का ख़राब प्रदर्शन ,टेस्ट क्रिकेट में भारत के बल्लेबाजो का लगातार फ्लॉप रहना भारत की एक बड़ी वजह है विदेश में टेस्ट मैच हरने की। अगर इस सीरीज की बात करे तो रोहित शर्मा, के एल राहुल और ऋषभ पंत को छोड़ कर किसी और बल्लेबाज़ ने रन नहीं बनाये है। इस मैच में भारत के बल्लेबाज़ विराट कोहली, शुभमन गिल, हनुमा विहारी और श्रेयस अय्यर,यह सभी फ्लॉप रहे और दोनों इनिंग में मिला के 40 रन भी नहीं बना पाए। भारत का मिडिल आर्डर उसके लिए समस्या कर कारण बन गया है। 
2. अनुभवी ओपनर्स की कमी – इस मैच में भारत को निश्चित तौर पर एक अनुभवी सलामी बल्लेबाज़ों की कमी खली। टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण होती है और भारत के लिए इस सीरीज में रोहित शर्मा और के एल राहुल की जोड़ी ने पिछले 4 मैचों में अच्छी शुरुआत दिलाई थी और दोनों बल्लेबाज़ भारत की तरफ से इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाये थे और इस मैच में दोनों का ना होना भारत को बहुत खला है। रोहित शर्मा ने 8 इनिंग में 52 की औसत से 368 रन बनाये, जिसमे 2 अर्धशतक और 1 शतक लगाया था। के एल राहुल ने 8 इनिंग में 39.37 की औसत से 315 रन बनाये थे, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक लगाया था। हालाँकि इस मैच ऋषभ पंत ने दोनों परियों में अच्छी बैटिंग। 
3. चौथी इनिंग में गेंदबाज़ो का ख़राब प्रदर्शन – मैच की चौथी पारी में भारतीय गेंदबाज़ो ने अपनी स्तर के हिसाब से गेंदबाज़ी नहीं की। चौथी पारी में केवल कप्तान जसप्रीत बुमराह ही विकेट निकाल सके। चौथी इनिंग में भारत के गेंदबाज़ो ने 4.50 की रन रेट से उपर लुटाए। जो की टेस्ट मैच में बहुत ज्यादा है। इस इनिंग में भारत के गेंदबाज़ो की तरफ से कोई रणनीति नही नज़र आई ,जो रुट और जॉनी बेयरस्टो की जोड़ी को तोड़ने की। एक दो मौके भी बने तो भारतीय फील्डर्स ने उनको हाथ से जाने दिया। 
4. कप्तान रोहित शर्मा की कमी- रोहित शर्मा इस टेस्ट मैच से पहले कोरोना पॉजिटिव होने के कारण यह मैच नहीं खेल पाए और भारत ने उनको कप्तान के रूप में मिस किया। उनके ना होने पर जसप्रीत बुमराह को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया। जब भारत पहले तीन दिन मैच में आगे चल रहा था तब भारतीय फैंस सब बुमराह की तारीफ कर रहे थे। लेकिन चौथे दिन भारतीय टीम की रणनीति को देख कर सब रोहित शर्मा को याद करने लगे। भारतीये टीम की फील्डिंग भी ख़राब रही आखिरी दो दिनों में। जॉनी बेयरस्टो के एक ही इनिंग में दो-दो कैच टपका दिए गए। फील्ड प्लेसमेंट में भी बुमराह से गलतियां हुई, जब जॉनी और रुट की जोड़ी बल्लेबाज़ी कर रही तब बुमराह ने फील्ड खोल दी थी,डिफेंसिव अप्रोच के साथ जाना भारी पड़ गया। गेंदबाज़ी में भी रविंद्र जडेजा से नेगेटिव गेंदबाज़ी कराई गयी। कहीं न कहीं बुमराह से कप्तान के रूप में गलतियां हुई जिसके कारण मैच का नतीजा भारत की तरफ नहीं आ सका। 
5. BCCI की गलती ?
पांचवा मैच हारने के बाद भारतीय फैंस ने अपना गुस्सा BCCI पर भी निकला और सोशल मीडिया पर BCCI को लेकर काफी कुछ कहा।  लोगो का कहना था की अगर BCCI ने इस मैच को पिछले साल ही आयोजित कराया होता तोह भारत यह मैच जीत जाता क्यूंकि भारत के पास उस समय मोमेंटम था, भारत सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा था। लेकिन BCCI को आईपीएल करवाने की जल्दी थी। 2021 में कोरोना के कारण भारतीय टीम को दौरे से वापस बुला लिया गया था लेकिन उसके ठीक बाद सभी खिलाड़ियों को दुबई आईपीएल खेलने के लिए भेज दिया गया था। इसी को लेकर फैंस ने BCCI को कहा की BCCI को सिर्फ पैसे से मतलब है। और भी बहुत कुछ। 
हालाँकि इस अंतिम टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने भारत से बेहतरीन खेल खेला और भारत को हराया। कहीं न कहीं भारत ने इस मैच को पाने हाथ से जाने दिया। क्रिकेट में अगर- मगर लगा रहता है। लेकिन भारतीय टीम को अब सोचना होगा, विचार करना होगा की कहाँ गलतियां हो रही है और क्यों हो रही है।   
Advertisement
Next Article