सोशल मीडिया काजू की खेती देख हुआ हैरान,कहीं आपके भी तो नहीं छूट गए पसीने

वैसे देखा जाए तो इंटरनेट की दुनिया भी काफी मजेदार है। यहां पर कब कौन सी बात लोगों को हैरान कर दे। ये कहना बहुत मुश्किल है। हाल ही में इंटरनेट यूजर्स का ट्विटर पर काजू के फल और उसकी खेती देखकर ऐसा ही हाल है। ज्यादातर लोगों को काजू खाने का शौक होता है। लेकिन लोगों को इस बात की जानकारी आजतक भी नहीं कि इसका फल असल में दिखता कैसा है। बस फिर क्या था जिसने भी ये फल देख लिया अब वो ही चौंक गया है। 
काजू की खेती इन राज्यों में होती है
फोटोज देखकर हैरान रहने वाली जनता अब वाकई में यह जानना चाहती है कि काजू की खेती कैसे होती है। तो आपको बता दें कि देश में काजू की व्यवसायिक और बड़े पैमाने पर खेती केरल,महाराष्ट्र,गोवा,कर्नाटक,तामिलनाडु,आंध्र प्रदेश,उड़ीसा में की जाती है। इसके अलावा झारखंड के कुछ जिलों में भी काजू की खेती करी जाती है।
ये पौधे साफ्ट वुड ग्राफ्टिंग विधि से होते हैं तैयार
काजू के पौधों को साफ्ट वुड ग्राफ्टिंग विधि से तैयार किया जाता है। काजू के पौधों को शुरू में अच्छा ढंाचा देने की ज्यादा जरूरत होती है। वैसे इनमें काट-छांट भी की जाती है। 
सबसे दिलचस्प बात यह है काजू में पूरे फल को नहीं तोड़ा जाता है। केवल फल से गिरे हुए नट को एकत्रित कर लिया जाता है और बाद में इसे धूप लगाकार और सुखाकर जूट के बोरों में भरकर ऊंचे स्थान पर रख दिया जाता है। मिली जानकारी के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि हर पौधे से करीब 8 किलोग्राम नट हर साल मिल जाते हैं।
खाने लायक प्रसंस्करण के बाद
काजू का फल हुबहू सेब की तरह नजर आता है और इसे इंग्लिश में cashew apples कहते हैं। इस फल से जो भी नट नीचे गिरते हैं उनके प्रसंस्करण के बाद ही काजू खाने लायक हो पता है। तो आगे से ध्यान रखें की जब भी काजू का फल देखें तो हैरान होने की जरूरत नहीं बल्कि सामने वाले को पूरी जानकारी दीजिएगा। 
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