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फारूक को ED का समन, उपराज्यपाल सिन्हा बोले-संस्थानों को संविधान के अनुसार काम करने का अधिकार

फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ में करोड़ों रुपये के घोटाले से संबंधित धनशोधन जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए इस सप्ताह दूसरी बार बुधवार को ईडी के समक्ष पेश हुए।
फारूक को ED का समन, उपराज्यपाल सिन्हा बोले-संस्थानों को संविधान के अनुसार काम करने का अधिकार
जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन दिनों में दूसरी बार समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया। इस मामले में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ज्यादा कुछ न बोलते हुए कहा कि संस्थानों को संविधान और कानूनों के अनुसार काम करने का अधिकार है। 
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "संविधान और कानूनों ने संस्थानों को कार्रवाई करने का अधिकार दिया है और इस संबंध में मुझे और कुछ नहीं कहना है।' उनसे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री को ईडी के नए समन के बारे में पूछा गया था। फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ में करोड़ों रुपये के घोटाले से संबंधित धनशोधन जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए इस सप्ताह दूसरी बार बुधवार को ईडी के समक्ष पेश हुए। 

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इससे पहले 83 वर्षीय पूर्व केंद्रीय मंत्री से 19 अक्टूबर को इस मामले में छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गयी थी। सोमवार को पूछताछ के बाद फारूक ने कहा था कि वह चिंतित नहीं हैं और जांच में सहयोग करेंगे। सोमवार को हुयी पूछताछ से चार दिन पहले नेकां और पीडीपी सहित जम्मू-कश्मीर की चार राजनीतिक पार्टियों ने फारूक के आवास पर बैठक की थी। 
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि फारूक का बयान पहले की ही तरह धन शोधन रोकथाम कानून के तहत दर्ज किया जाएगा। इस मामले में उनसे पहली बार पिछले साल जुलाई में चंडीगढ़ में पूछताछ की गयी थी। ईडी द्वारा दूसरी बार समन भेजे जाने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा।
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