+

बिहार के 'रॉबिनहुड' को नहीं मिला टिकट, सफाई देते हुए कही ये बात

बिहार के डीजीपी रहे गुप्तेश्वर पांडेय ने बीते महीने वीआरएस यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी और उसके बाद वो बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए थे।
बिहार के 'रॉबिनहुड' को नहीं मिला टिकट, सफाई देते हुए कही ये बात
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक नाम की चर्चा सियासी गलियारों में घूम रही थी। लेकिन अब उस पर पूर्ण विराम लग चुका है। दरअसल हम बात कर रहे हैं गुप्तेश्वर पांडेय की। बिहार के डीजीपी रहे गुप्तेश्वर पांडेय ने बीते महीने वीआरएस यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी और उसके बाद वो बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए थे। उनके द्वारा सेवानिवृत्ति लिए जाने के बाद राजनीति में चर्चा थी की वो इस बार चुनाव लड़ेंगे। 
माना जा रहा था कि वो चुनाव में जेडीयू के उम्मीदवार बन सकते हैं। लेकिन चुनाव से ठीक पहले जेडीयू में शामिल हुए गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ कर दिया है कि वे इस बार बिहार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। जेडीयू ने अपने 115 सीटों पर उम्मीदवारों की जो लिस्ट जारी की थी, उसमें किसी सीट से भी गुप्तेश्वर पांडेय का नाम नहीं था। 
गुप्तेश्वर पांडेय जिस बक्सर सीट से चुनाव लड़ना चाह रहे थे वो बीजेपी के खाते में चली गई। जब जेडीयू ने उनके नाम की घोषणा नहीं कि तो लगा कि शायद बीजेपी बक्सर से उन्हें चुनाव लड़वा सकती है। लेकिन उनके समर्थकों के इस उम्मीद पर भी पानी फिर गया और बीजेपी ने बक्सर से परशुराम चतुर्वेदी के नाम की घोषणा कर दी। 
लिस्ट में नाम न आने के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने सफाई देते हुए कहा, "अपने अनेक शुभचिंतकों के फोन से परेशान हूं, मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूं। मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लड़ूंगा लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा। हताश निराश होने की कोई बात नहीं है, धीरज रखें, मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है। मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा। कृपया धीरज रखें और मुझे फोन नहीं करे। बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है।"

facebook twitter instagram