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विभिन्न राजनीतिक दलों ने राम मंदिर शिलान्यास का किया स्वागत, राष्ट्रीय एकता एवं सामंजस्य की जताई उम्मीद

भव्य राम मंदिर देश का भी मंदिर है। यह भारत के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और हमारी आध्यात्मिक विरासत का भी जयगान है।
विभिन्न राजनीतिक दलों ने राम मंदिर शिलान्यास का किया स्वागत, राष्ट्रीय एकता एवं सामंजस्य की जताई उम्मीद
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास का बुधवार को स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे राष्ट्रीय एकता एवं सामंजस्य का मार्ग प्रशस्त होगा। विभिन्न नेताओं ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि देश और उन्नति करेगा तथा लोग भगवान राम के आदर्शों का पालन करेंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरवील ने राम मंदिर के भूमि पूजन के मौके पर देशवासियों को बधाई दी। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘भगवान राम का आशीर्वाद हम पर बना रहे। उनके आशीर्वाद से हमारे देश को भुखमरी, अशिक्षा और गरीबी से मुक्ति मिले और भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बने। आने वाले समय में भारत दुनिया को दिशा दे। जय श्री राम! जय बजरंग बली!’’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में हैं भाई-भाई! मेरा भारत महान, महान हमारा हिंदुस्तान।’’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हमारे देश ने विविधता में एकता की दशकों पुरानी परंपरा हमेशा बनाए रखी है और हमें अपनी अंतिम सांस तक इसे बनाए रखना चाहिए।’’
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है और हम सभी इस क्षण की खुशी महसूस कर सकते हैं। उन्होंने हिंदी में ट्वीट किया, ‘‘भव्य राम मंदिर देश का भी मंदिर है। यह भारत के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और हमारी आध्यात्मिक विरासत का भी जयगान है।’’
भूमि पूजन के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि त्याग, कर्तव्य, करुणा, उदारता, एकता, बंधुत्व, सद्भाव, सदाचार के रामबाण मूल्य जीवन पथ का रास्ता बनेंगे।’’
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज भगवान राम के मूल्यों पर आधारित समानतावादी समाज बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भगवान राम का हमारी संस्कृति और सभ्यता में विशिष्ट स्थान है। उनका जीवन हमें सभी के लिए सच, न्याय, समानता, करुणा और भाईचारे की महत्ता की सीख देता है। हमें भगवान राम के मूल्यों पर आधारित समतामूलक समाज बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।’’
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी उम्मीद जताई कि वर्तमान एवं भविष्य की पीढ़ियां भी ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ के दिखाए मार्ग के अनुरूप सच्चे मन से सबकी भलाई तथा शांति के लिए मर्यादा का पालन करेंगी। भाजपा नेता सुरेश प्रभु ने इसे भारत के इतिहास में गौरवशाली क्षण बताया और कहा, ‘‘इस क्षण का साक्षी बनने के लिए हम सभी सौभाग्यशाली हैं।’’कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि भगवान राम सभी के लिए न्याय, सही आचरण, निष्पक्षता और दृढ़ता, नैतिक ईमानदारी तथा साहस के प्रतीक हैं।

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