+

भारत-चीन के बीच शुरू हुई एक और सैन्य वार्ता, LAC पर तनाव कम करने पर होगा जोर

भारत और चीन के बीच कोर कमांडर सत्र की बैठक का 10वां दौर चीनी क्षेत्र के मोल्दो में शुरू हो गया। बैठक में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और 900 वर्ग किमी डेपसांग के मैदानों जैसे क्षेत्रों से जवानों को हटाने पर चर्चा होगी।
भारत-चीन के बीच शुरू हुई एक और सैन्य वार्ता, LAC पर तनाव कम करने पर होगा जोर
भारत और चीन के बीच शनिवार को कोर कमांडर सत्र की बैठक का 10वां दौर चीनी क्षेत्र के मोल्दो में शुरू हो गया। बैठक में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और 900 वर्ग किमी डेपसांग के मैदानों जैसे क्षेत्रों से जवानों को हटाने पर चर्चा होगी। इसके साथ ही वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव को कम करने पर ज़ोर दिया जाएगा। 
भारतीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पी.जी.के. मेनन कर रहे हैं। डेपसांग में सैन्य जमावड़े को अब तक मौजूदा गतिरोध का हिस्सा नहीं माना जा रहा था जो पिछले साल मई में शुरू हुआ था। बहरहाल, भारत ने हाल के सैन्य कमांडर की बैठकों में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सभी मुद्दों को हल करने पर जोर दिया है। 
कोर कमांडर स्तर के वर्तमान दौर की बैठक के दौरान प्रतिनिधि पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी तट से सैनिकों को हटाए जाने की स्थिति की भी पड़ताल करेंगे। बहरहाल, बैठक से ठीक एक दिन पहले चीन ने एक "मनोवैज्ञानिक युद्ध" शुरू किया, जब उसने सोशल मीडिया पर गलवान घाटी संघर्ष का एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में भारतीय सेना पर आक्रामक होने और संघर्ष शुरू करने का आरोप लगाया। 
भारतीय सेना ने चीन द्वारा जारी इस वीडियो पर प्रतिक्रिया नहीं दी और इस मुद्दे पर चुप्पी बनाए रखी। यह वीडियो चीन में एक प्राइवेट न्यूज चैनल पर जारी किया गया था और उसके बाद यह वायरल हो गया। चीन ने पिछले साल 15 जून को हुई झड़प का वीडियो आठ महीने बाद जारी किया है। इसमें भारत के 20 सैनिकों ने वीरगति प्राप्त की। इस सप्ताह चीन ने स्पष्ट रूप से अपने चार सैनिकों के मारे जाने का दावा किया, जबकि अब तक वह सैनिकों के मारे जाने की बात से इनकार करता रहा था। 
चीन ने पहली बार शुक्रवार को हिंसक झड़पों में मारे गए अपने सैनिकों के नाम जारी किए हैं। अब तक पैंगोंग झील के दोनों किनारों पर ही सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। 10 फरवरी को चीन ने घोषणा की थी कि नई दिल्ली और बीजिंग पैंगोंग झील से सैनिकों को पीछे हटाने के लिए सहमत हो गए हैं। चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) टीम के साथ-साथ भारतीय सेना की टीम पैंगोंग झील सैनिकों के हटने का सत्यापन और पुन: सत्यापन कर रही है। 
समझौते में कहा गया है कि चीनी सैनिक वापस फिंगर 8 पर चले जाएंगे और भारतीय सेना पैंगोंग झील के उत्तरी तट के फिंगर 2 और 3 के बीच धन सिंह थापा की चौकी पर वापस आ जाएगी। इसके अलावा, पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त सहित सैन्य गतिविधियों पर अस्थायी रोक होगी। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 10 महीने से गतिरोध बना हुआ है। 
facebook twitter instagram