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बिहार में फिर कहर बनकर टूटी जहरीली शराब, गया और औरंगाबाद में अब तक 11 की मौत

जहरीली शराब पीकर मरने वालों में औरंगाबाद जिले के आठ और गया के आमस के तीन लोग शामिल हैं। वहीं इस मामले में अब तक 70 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बिहार में फिर कहर बनकर टूटी जहरीली शराब, गया और औरंगाबाद में अब तक 11 की मौत
बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब कहर बनकर टूटी है। राज्य के गया और औरंगाबाद जिले में 5 दिन के अंदर जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में औरंगाबाद जिले के आठ और गया के आमस के तीन लोग शामिल हैं। वहीं इस मामले में अब तक 70 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
शादी समारोह में किया था शराब का सेवन
गया के मृतकों की पहचान अमर पासवान (26), राहुल कुमार (27) और अर्जुन पासवान (43) के रूप में हुई है। ये लोग जिले के आमस थाना क्षेत्र के पथरा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे, जहां उन्होंने देशी शराब पी। कुछ घंटों के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। 
उन्होंने उल्टी, पेट दर्द और धुंधली दृष्टि की शिकायत की। उन्हें आमस के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में ले जाया गया, जहां अमर पासवान और अर्जुन पासवान की मौत हो गई, जबकि राहुल कुमार को मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं औरंगाबाद के मदनपुर के खिरियावां के शिव साव (65), मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सुंदरगंज के अनिल शर्मा (45), सलैया के शिक्षक संतोष कुमार साव (30), मदनपुर के बेरी गांव के राहुल मिश्रा (25), अररूआ के सुरेश सिंह (65) और मदनपुर के पड़रिया गांव के दिल्केश्वर महतो व कमलेश राम और मदनपुर के जोगरी के रामजी यादव शामिल हैं। 
शराब पीने के बाद बेचैनी की शिकायत
इस समय एक व्यक्ति मगध मेडिकल कॉलेज में, जबकि अन्य सात आमस पीएचसी में भर्ती हैं। पुलिस इस घटना पर चुप्पी साधे हुई है, लेकिन पथरा गांव में छापेमारी की है। अनिल शर्मा के रिश्तेदारों ने दावा किया कि उन्होंने पंडरिया मोड़ में शराब पी थी, जबकि शिव साव और शंभू ठाकुर के परिजनों ने कहा कि उन्होंने सोमवार शाम को पासी इलाके में ऐसा किया।
घर लौटने पर उन्होंने बेचैनी की शिकायत की और उन्हें मदनपुर के सामान्य स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उन्हें सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। शेरघाटी के एक निजी अस्पताल में बबलू ठाकुर और भोला विश्वकर्मा का इलाज चल रहा है।
औरंगाबाद जिले के एसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने दावा किया कि जिला पुलिस के पास मौतों के बारे में सटीक जानकारी नहीं है। मिश्रा ने कहा, "मृतकों के परिवार ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है। हमें पता चला है कि उनकी मौत बीमारी के कारण हुई थी। फिर भी, पुलिस सटीक कारण का पता लगाने का प्रयास कर रही है।"

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