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कोरोना नियमों का उल्लंघन कर किया शादी समारोह आयोजन, लगा 6 लाख रुपए का जुर्माना

कोरोना नियमों का उल्लंघन कर किया शादी समारोह आयोजन, लगा 6 लाख रुपए का जुर्माना
कोरोना महामारी के संकट के बीच राजस्थान के भीलवाड़ा से लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर एक शादी समारोह में शामिल हुए लोगों में से 16 कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इन संक्रमितों में दूल्हा भी शामिल हैं, वहीं कोरोना की चपेट में आए दूल्हे के दादा की मौत गई है। प्रतिबंधों के बावजूद आयोजित हुए इस समारोह से लोगों की जान पर बन आई हैं।
मामले की जानकारी सामने आते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने न केवल परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है बल्कि छह लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी तीन दिन में भरने को कहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 'भीलवाड़ा मॉडल' की चर्चा देश भर में हुई थी। 
16 कोरोना संक्रमितों में से एक मौत 
दरअसल शहर के भदादा मोहल्ले में घीसूलाल राठी के बेटे रिजुल की शादी 13 जून को हुई थी। परिवार वालों ने प्रशासन से मंजूरी ली तो उन्हें अधिक से अधिक 50 लोगों को बुलाने की शर्त पर अनुमति दी गयी, लेकिन शादी में निर्धारित संख्या से अधिक लोग शामिल हुए। सबसे बड़ी दिक्कत तब शुरू हुई जब बाद में दूल्हे सहित 16 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। इनमें से एक संक्रमित की मौत हो चुकी है। 
 IPC के तहत दर्ज हुआ मामला 
जिला प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए परिवार के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून की धारा-51 व आम लोगों का जीवन खतरे में डालने के लिए भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया है। जिलाधिकारी राजेंद्र भट्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार शादी में 50 से ज्यादा लोगों को आमंत्रित किया गया और शादी कार्यक्रम के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन किया गया।
इस शादी में शामिल लोगों में संक्रमण का पहला मामला 19 जून को सामने आया जबकि अब तक कुल 16 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है जिनमें से एक की मौत भी हो चुकी है। इससे जुड़े और लोगों के संक्रमित होने की आशंका बनी हुई है। 
आदेश के अनुसार इस शादी में शामिल हुए 15 संक्रमित चिकित्सालय में भर्ती हैं तो 58 लोग अभी क्वारंटाइन में हैं। इस मामले में राज्य सरकार को क्वारंटाइन वार्ड, क्वारंटाइन सेंटर सुविधा, भोजन, जांच, परिवहन व एंबुलेंस आदि में लगभग 6,26,000 रुपये की राजस्व हानि हुई है। तहसीलदार से कहा गया है कि वह यह राशि तीन दिन में वसूल कर मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करवाएं। 
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