+

चीनी सेना के साथ हुई झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में हुए संघर्ष में चार भारतीय जवानों की शहादत के बाद यह इस तरह की पहली घटना है।
चीनी सेना के साथ हुई झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार देर रात चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के कुल 20 जवान शहीद हो गए जिसके बाद पहले से जारी गतिरोध की स्थिति और गंभीर हो गई है। सेना की ओर से मंगलवार को जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी दी गई शुरुआत में भारतीय सेना की ओर से जानकारी दी गई थी कि इस हिंसक झड़प में एक अधिकारी और दो सैनिक शहीद हुए हैं। 

बाद में सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि 17 अन्य सैनिक “जो अत्यधिक ऊंचाई पर शून्य से नीचे तापमान में गतिरोध के स्थान पर ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उन्होंने दम तोड़ दिया है जिसके बाद शहीद हुए सैनिकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।” वक्तव्य में कहा गया, “भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गलवान क्षेत्र में जिस स्थान पर 15/16 जून 2020 को झड़प हुई वहां से दोनों सेनाओं के सैनिक हट गए हैं।” 

वक्तव्य में कहा गया कि “भारतीय सेना राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।” सरकार और सेना के कई सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि हिंसक झड़प कई घंटे तक चली। सूत्रों ने कहा कि चीनी पक्ष के सैनिक भी “उसी अनुपात में” हताहत हुए हैं। सूत्रों ने मारे गए चीनी सैनिकों की संख्या के बारे में जानकारी नहीं दी। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, तीनों सेनाओं के प्रमुख व विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कल रात की झड़प के साथ-साथ पूर्वी लद्दाख के संपूर्ण हालात से अवगत कराया। 

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में हुए संघर्ष में चार भारतीय जवानों की शहादत के बाद यह इस तरह की पहली घटना है। सैन्य सूत्रों ने कहा कि दोनों सेनाओं के बीच घटनास्थल पर मेजर जनरल स्तर की बातचीत हुई। 

सेना की ओर से जारी एक संक्षिप्त वक्तव्य में कहा गया था, ''गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान सोमवार रात हिंसक टकराव हो गया। इस दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए।'' वक्तव्य में कहा गया था, “दोनों पक्षों की ओर से सेना के वरिष्ठ अधिकारी तनाव कम करने के लिये घटनास्थल पर संवाद कर रहे हैं।'' 
facebook twitter