हेड कांस्टेबल की हत्या के मामले में 1 महिला सहित 4 लोग गिरफ्तार

जयपुर :  राजस्थान पुलिस ने राजसमंद जिले में एक हेड कांस्टेबल की कथित हत्या के मामले में एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हेड कांस्टेबल की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। 

पुलिस ने बताया कि राजसमंद जिले के भीम थाने में तैनात हेड कांस्टेबल अब्दुल गनी शनिवार को एक गांव में दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद की जांच के लिए गए थे। जब वे अपनी बाइक से जांच के बाद वापस लौट रहे थे तो उन पर 7-8 बदमाशों ने लाठियों और लोहे की छड़ों से हमला कर दिया। 

उन्होंने बताया कि गनी को भीम के अस्पताल ले जाया गया जहां शनिवार शाम को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। 

पुलिस ने बताया कि मौत से पहले थानाधिकारी को दिए अपने बयान में हेड कांस्टेबल ने बताया कि उस पर नागेश्वर और उसके दोस्तों ने हमला किया था। हमलावरों ने उसकी फाइल, पर्स और अन्य सामान लूट लिया। नागेश्वर की मां नैना देवी भी वहां मौजूद थी और वह हमलावरों को उकसा रही थी। 

नागेश्वर के विरूद्व उसके पड़ोसी ने एक मामला दर्ज करवाया था जिसकी जांच करने हेड कांस्टेबल अब्दुल गनी गांव गए थे। 

राजसमंद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि रविवार सुबह नैना देवी, नागेश्वर और उसके दो दोस्त लक्ष्मण और मुकेश को हिरासत में लिया गया था जिन्हें जांच के बाद शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। 

पुलिस ने बताया कि मृतक हेड कांस्टेबल का रविवार को पोस्ट मार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। 

राजसमंद के पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण और अन्य पुलिसकर्मियों ने पुलिस लाइन में मृतक हेड कांस्टेबल को श्रद्वांजलि अर्पित की। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजसमंद जिले के भीम थाने के हेड कांस्टेबल की हत्या की निष्पक्ष और पूर्ण जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 

गहलोत ने ट्वीट के जरिए हेड कांस्टेबल अब्दुल गनी की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘हेड कांस्टेबल अब्दुल गनी की मौत के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। मैं इस दुख की घड़ी में परिजनों के साथ हूं और उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनके साथ न्याय होगा...पूरी तरह से और निष्पक्ष जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।’’ 

उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी घटना की निंदा करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पायलट ने भी जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। 

इधर पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला भीड़ हत्या (मॉब लिंचिंग) का नहीं है और पीड़ित पुलिस कर्मी पर हमला एक षडयंत्र के तहत किया गया था। 

सोशल मीडिया पर कुछ संदेश वायरल हो गए थे जिसमें पुलिस कर्मी पर भीड़ द्वारा हमला बताया गया था लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला भीड़ हत्या का नहीं है। पुलिस के अनुसार 7—8 बदमाशों ने षडयंत्र के तहत पुलिस कर्मी पर हमला किया था।
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