संसद के बाहर 8 साल की बच्‍ची पीएम मोदी से क्लाइमेट चेंज पर कानून लाने के लिए खड़ी हुई

आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती हम सब के लिए क्लाइमेट चेंज यानी जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग है। एक दूसरे का पर्याय हैं यह दोनों ही समस्याएं। दिन ब दिन वायु प्रदूषण, जल संकत और सूूखे की स्थिति बढ़ती ही जा रही  है। देश और दुनिया राजनीति, खेलकूद और सोशल मीडिया पर एक दूसरे को ट्रोल करने में लगी हुई है और इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। 


अब तो इंसानों के साथ जानवरों के लिए भी जीना मुश्किल हो चुका है। यह संकट इतना बढ़ा है कि इस पर कोई भी बात नहीं करता है। आम आदमी से लेकर फेमस नेता, स्टार्स और खिलाड़ी भी नजरअंदाज कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच एक 8 साल की बच्ची ने ऐसा काम किया है जिसे देखकर लोगों को सीखने की जरूरत है। 


तख्ती पर मेसेज के साथ संसद के बाहर हुई खड़ी

हम जिस 8 साल की लड़की के बारे में बात कर रहे हैं उसका नाम लाइसीप्रिया कांगजुम है और वह छोटी सी लड़की बड़े लोगों से बहुत समझदार है। उस छोटी सी लड़की को पता है कि तपती धरतो को बेहतर भविष्य के लिए बचाना होगा। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाइसीप्रिया ने अपनी बात पहुंचाई है। 


इस लड़की ने पीएम मोदी को अनोखे अंदाज में अपनी बात बताई है। इस लड़की ने अपने हाथ में एक मेसेज प्लेकार्ड लिया हुआ था और वह संसद के बाहर उसे लेकर खड़ी हुई थी। ऐसा उसने इसलिए किया कि पीएम मोदी का ध्यान उसपर पढ़ सके। 

एक्‍शन लेना होगा भविष्य सुरक्षति करन के लिए

मैसेज प्लेकार्ड पर लाइसीप्रिया ने लिखा था, प्रिय श्रीमान मोदी और सांसद, जलवायु परिवर्तन कानून को पास करें और भविष्य को बचाएं।


 इस छोटी सी बच्ची ने कहा है कि, मैं हमारे प्रधानमंत्री और सभी सांसदों से अपील करती हूं कि वे जलवायु परिवर्तन के मामले में एक्‍शन लें और भविष्य को सुरक्षति करें। समुद्र का स्तर बढ़ता जा रहा है और धरती गर्म होती जा रही है। अब हमें इसे बचाना होगा और इस पर कार्रवाई भी करनी होगी। 

प्रदर्शन हुआ था स्वीडन के संसद के बाहर 


जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर लाइसीप्रिया जैसी दूसरी लड़की ग्रेटा थनबर्ग ने भी ऐसा ही कुछ किया था। पिछले साल 2018 अगस्त में ग्रेटा ने स्वीडन के संसद के बाहर इसी तरह का  प्रोटेसट भी किया था। 

पीएम मोदी से भी ग्रेटा ने की थी अपील

पीएम नरेंद्र मोदी को ग्रेटा ने भी महत्वपूर्ण संदेश दिया था। ग्रेटा ने कहा था कि इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है और इस पर कार्य करें। अन्यथा भविष्य में आपको गंभीरता से नहीं लिया जाएगा। 
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