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किसान नेताओं और केंद्र के बीच 9वें दौर की बैठक शुरू, टिकैत बोले- MSP पर सरकार को लाना पड़ेगा कानून

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 51वें दिन भी जारी है। इस बीच विज्ञान भवन में किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 9वें दौर की बैठक शुरू हुई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सोमप्रकाश मौजूद हैं।
किसान नेताओं और केंद्र के बीच 9वें दौर की बैठक शुरू, टिकैत बोले- MSP पर सरकार को लाना पड़ेगा कानून
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 51वें दिन भी जारी है। इस बीच विज्ञान भवन में किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 9वें दौर की बैठक शुरू हुई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सोमप्रकाश मौजूद हैं। बातचीत शुरू होने से पहले भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर सरकार अपनी बात पर अड़ी रही तो 15 मिनट बाद बाहर आ जाएंगे।
कानून संसद लेकर आई है और ये वहीं खत्म होंगे
बैठक के लिए राकेश टिकैत विज्ञान भवन पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा, सरकार अगर बात नहीं करेगी तो 15 मिनट बाद वापस आ जाएंगे। यदि सरकार अपनी मांगों पर डटी रही तो, बातचीत का फायदा नहीं। उन्होंने कहा कि कानून संसद लेकर आई है और ये वहीं खत्म होंगे। कानून वापस लेने पड़ेंगे और MSP पर कानून लाना पड़ेगा।
भारत सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करती है : तोमर 
वहीं बातचीत से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि "भारत सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करती है और उच्चतम न्यायालय की बनाई समिति जब सरकार को बुलाएगी तो हम अपना पक्ष समिति के सामने रखेंगे। आज वार्ता की तारीख़ तय थी इसलिए किसानों के साथ हमारी वार्ता जारी है।" उन्होंने कहा कि हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किसानों के साथ चर्चा के माध्यम से कोई रास्ता निकल आए। आज कानूनों पर चर्चा होगी।
हालांकि तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेषज्ञों की एक कमेटी का गठन किए जाने के बाद किसान नेता पहली बार केंद्रीय मंत्रियों से मिल रहे हैं। किसान यूनियनों के नेता केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) कानून2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून2020और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून2020को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं।

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