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ईडी की गिरफ्त में राउत , पात्रा चॉल मामले में पूछताछ के बाद एक्शन

शिवसेना के कद्दावर नेता संजय राउत को ईडी ने पात्रा चॉल में पूछताछ के बाद एक्शन करते हुए हिरासत में लिया हैं। ईडी की कार्रवाई के महाराष्ट्र में सियासत का पारा हाई हो गया हैं।
ईडी की गिरफ्त में राउत , पात्रा चॉल मामले  में पूछताछ के बाद एक्शन
शिवसेना के कद्दावर नेता संजय राउत को ईडी ने पात्रा चॉल  में पूछताछ के बाद एक्शन करते हुए हिरासत में लिया हैं।  ईडी की कार्रवाई के कारण महाराष्ट्र में सियासत का पारा हाई हो गया हैं। आज सुबह से ईडी ने संजय राउत के घर पर छापामारी कर दस्तावेज खंगाली रही थी। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम संजय राउत को लेकर दफ्तर ले जाएगी और वहां पूछताछ होगी। ईडी तीन जगहों पर आज छापेमारी कर रही थी और दस्तावेज खंगाल रही थी।                 
समन भेजने पर पेश नहीं हुए राउत 
ईडी जांच के चलते संजय को पेश होने के लिए समन भेजा था।  लेकिन वह पेश नहीं हुए।  संजय राउत ने पेश न होने के कारण संसद के मानसून सत्र का हवाला दिया था। संजय राउत ने कहा था संसद का मानसून सत्र चल रहा हैं जिसमें रहना आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर हिम्मत है तो एजेंसी उन्हें गिरफ्तार कर ले।  
क्या हैं लैंड स्कीम घोटाला 
पात्रा चॉल मामला करीब 1034 करोड़ रूपये के घोटाले का जुड़ा हैं । जिसमें कई ओर लोग भी शामिल हैं , ईडी इसको लेकर उनकी पत्नी से पूछताछ कर चुकी हैं। 
पात्रा चॉल जमीन घोटाले की शुरुआत 2007 से हुई,  महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डिवलपमेंट अथॉरिटी यानी म्हाडा (MHADA), प्रवीण राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की मिली भगत से यह घोटाला होने का आरोप है. 2007 में म्हाडा ने पात्रा चॉल के रिडिवेलपमेंट का काम गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को दिया, यह कंस्ट्रक्शन गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर में होना था, म्हाडा की 47 एकड़ जमीन में कुल 672 घर बने हैं. रीडिवेलपमेंट के बाद गुरु आशीष कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर देने थे। म्हाडा के लिए फ्लैट्स बनाने के बाद बची हुई जमीन को प्राइवेट डिवलपर्स को बेचना था. 14 साल के बाद भी कंपनी ने लोगों को फ्लैट बनाकर नहीं दिए।

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