मुर्शिदाबाद में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के काफिले में हादसा! ट्रक की टक्कर से मची अफरा-तफरी, कई लोग घायल
Adhir Ranjan Convoy Hit by Truck: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच मुर्शिदाबाद जिले में एक सड़क हादसा सामने आया है। इस हादसे में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के काफिले की एक गाड़ी को ट्रक ने टक्कर मार दी। यह घटना सुबह करीब 6:45 बजे उस समय हुई, जब अधीर रंजन चौधरी कांडी में अपना चुनावी कार्यक्रम खत्म करके बहरामपुर लौट रहे थे। इस हादसे में काफिले में मौजूद कई सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी घायल हो गए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस नेता के कार्यालय की ओर से जारी बयान में इस घटना को संदिग्ध बताया गया है। बयान में कहा गया है कि यह दुर्घटना जानबूझकर भी कराई गई हो सकती है। साथ ही आरोप लगाया गया कि घटना के बाद जब स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर को फोन किया गया, तो कोई जवाब नहीं मिला। इससे प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
Adhir Ranjan Convoy Hit by Truck: बांडेल में टीएमसी कार्यकर्ता की कार पर हमला
दूसरी ओर, बांडेल इलाके में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता की कार पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया है। टीएमसी समर्थकों ने इस घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। बांडेल के न्यू मस्जिद इलाके में रहने वाले प्रदीप नामक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि रात करीब 2 बजे घर में सोते समय उन्हें शीशा टूटने की आवाज सुनाई दी।
जब वे बाहर आए तो देखा कि खिड़की का कांच टूटकर बिस्तर पर गिरा हुआ था। इसके अलावा उनकी स्कॉर्पियो कार, जो घर के बाहर खड़ी थी, उस पर भी पत्थर फेंके गए थे। प्रदीप का दावा है कि उन्होंने हमलावरों को पहचान लिया है और वे बीजेपी के समर्थक हैं। इस मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस जांच कर रही है।
सिलीगुड़ी में बीजेपी और टीएमसी के बीच टकराव
सिलीगुड़ी में भी राजनीतिक दलों के बीच विवाद की खबर सामने आई है। यहां बीजेपी और टीएमसी के बीच पोस्टर और झंडे लगाने को लेकर विवाद हुआ है। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं कि उनके पोस्टर और झंडे हटाए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले टीएमसी के उम्मीदवार गौतम देब ने इस मुद्दे को लेकर धरना भी दिया था। इसके जवाब में बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें कथित तौर पर सत्ताधारी पार्टी के एक पार्षद की बेटी और दामाद को रात के समय बीजेपी का झंडा हटाते हुए दिखाया गया है। दोनों दलों ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
बीजेपी का आरोप है कि उनकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि टीएमसी की शिकायत के बाद तुरंत पुलिस सक्रिय हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम सादी वर्दी में एक महिला बीजेपी कार्यकर्ता के घर पहुंची, जिससे विवाद और बढ़ गया। घटना की जानकारी मिलने पर बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से नाराजगी जताई।
पुलिस पर उठे सवाल
उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। इन घटनाओं से साफ है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग-अलग जिलों से सामने आ रही ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के स्वरूप पर सवाल खड़े कर रही हैं।
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