आडवाणी, आनंदीबेन पटेल एवं अन्य नेता जेटली को देखने एम्स गए

08:37 PM Aug 19, 2019 |
भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित कई नेता पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का हालचाल जानने के लिए सोमवार को एम्स पहुंचे। 

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और थावरचंद गहलोत, रविशंकर प्रसाद और संतोष गंगवार, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह एवं पार्टी सांसद मेनका गांधी ने भी एम्स पहुंचकर जेटली की सेहत की जानकारी ली। 

प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव पी के मिश्रा और कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा भी शाम में एम्स पहुंचे। 66 वर्षीय जेटली को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। उन्हें सांस लेने में परेशानी और बेचैनी महसूस होने के बाद नौ अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। 

सूत्रों ने बताया कि जेटली को एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सिजेनेशन (ईसीएमओ) पर रखा गया है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। 

हालांकि, एम्स ने उनके स्वास्थ्य के बारे में 10 अगस्त से कोई मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया है। उनके स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए हाल के दिनों में कई बड़े नेताओं ने अस्पताल का दौरा किया। 

जेटली की कुशलक्षेम जानने के लिए सोमवार को एम्स पहुंचे आडवाणी के साथ उनकी पुत्री प्रतिभा आडवाणी भी थीं। हाल के दिनों में कई प्रमुख नेता पूर्व वित्त मंत्री का हाल जानने के लिये एम्स पहुंचे जिनमें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, जितेंद्र सिंह और रामविलास पासवान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा बसपा प्रमुख मायावती, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के नाम शामिल हैं। 

पूर्व वित्त मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए रविवार को अस्पताल जाने वालों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और गौतम गंभीर, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्रा, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत, आरएसएस के संयुक्त महासचिव डॉ. कृष्ण गोपाल और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह शामिल हैं। 

वहीं, शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत कई नेता एम्स गये थे। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘एम्स में जो सबसे बेहतर हो सकता है, डॉक्टर वैसा उपचार कर रहे हैं।’’ 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जेटली के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए शुक्रवार को एम्स पहुंचे थे। 

पेशे से वकील जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में उनकी कैबिनेट का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। उनके पास वित्त और रक्षा मंत्रालय का प्रभार था और सरकार के लिए वह संकटमोचक की भूमिका में रहे। खराब स्वास्थ्य के कारण जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा। 

पिछले साल 14 मई को एम्स में उनके गुर्दे का प्रतिरोपण हुआ था। उस समय रेल मंत्री पीयूष गोयल को उनके वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गयी थी। पिछले साल अप्रैल की शुरुआत से ही वह कार्यालय नहीं आ रहे थे । वह 23 अगस्त 2018 को वित्त मंत्रालय आए थे। 

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