जम्मू-कश्मीर के विभाजन के बाद भारत-पाक सीमा और संवेदनशील हुई : बीएसएफ डीजी

सरकार द्वारा तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो हिस्सों में विभाजित करने के लिये गए फैसले के बाद कश्मीर में नियंत्रण रेखा और जम्मू एवं पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा ‘‘बहुत संवेदनशील’’ हो गई है क्योंकि आतंकवादी भारत में घुसपैठ के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। यह बात बीएसएफ के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को कही। 

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) प्रमुख वी के जौहरी ने बल के 55वें स्थापना दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि उनके जवान इसको लेकर दृढ़ रहे हैं कि सीमाओं की शुचिता, विशेष रूप से भारत-पाकिस्तान सीमा, हर कीमत पर सुनिश्चित की जाए। 

जौहरी ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त किये जाने और जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के प्रशासनिक निर्णयों के कारण कश्मीर में नियंत्रण रेखा और जम्मू तथा पंजाब से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा ‘‘बहुत संवेदनशील’’ हो गई है। 

महानिदेशक ने कहा, ‘‘भारत-विरोधी ताकतें (सीमाओं से) घुसपैठ की लगातार कोशिशें कर रही हैं... हम देश को आश्वस्त करते हैं कि बीएसएफ ऐसे सभी प्रयासों को विफल करेगा।’’ 

उन्होंने कहा कि बल ने नई तकनीक और हथियारों को शामिल करके अपनी ‘‘रणनीतिक क्षमताओं’’ का विस्तार किया है। 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने गत पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त कर दिये थे और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों -जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। 
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