राफेल पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद देवेंद्र फड़णवीस बोले- राहुल गांधी को अब माफी मांगनी चाहिए

मुम्बई : महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि राफेल लड़ाकू जेट सौदा मामले में उच्चतम न्यायालय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट मिल जाने के बाद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री और राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए। 

इस बीच पूर्व रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता दिवंगत मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर ने कहा कि राफेल मामले में समीक्षा याचिकाएं खारिज करने का उच्चतम न्यायालय का फैसला राहुल गांधी के लिए ‘सीखने लायक सबक’ है।उच्चतम न्यायालय ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे के मामले में 14 दिसंबर, 2018 के उसके निर्णय पर पुनर्विचार के लिये दायर याचिकायें बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। चौदह दिसंबर, 2018 के इस फैसले में न्यायालय ने कहा था कि 36 राफेल लड़ाकू विमान प्राप्त करने के निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने की कोई वजह नहीं है। 

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने कहा, ‘‘ हमें इन समीक्षा याचिकाओं में कोई दम नजर नहीं आता है।’’ पीठ ने कहा कि यह दलील खारिज कर दी कि इस सौदे के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की जरूरत है। इस फैसले पर फड़णवीस ने कहा, ‘‘ अब उच्चतम न्यायालय के राफेल फैसले के बाद सारी चीजें बिल्कुल स्पष्ट है और यह कांग्रेस द्वारा 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान फैलायी गयी झूठ को ध्वस्त करता है।’’ 

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ क्या राहुल गांधी के पास इस सच को स्वीकार करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्र से माफी मांगने की इतना बड़ा दिल है?’’ उत्पल पर्रिकर ने कहा, ‘‘ राफेल फैसला आ गया है और मैं आशा करता हूं कि यह राहुल गांधी के लिए सीखने लायक सबक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं उन्हें संदेह का लाभ दे सकता हूं कि उन्होंने जो कुछ किया और जिस तरह वह राजनीति के लिए मेरे बीमार पिता के पास गये थे, उसमें उनके राजनीतिक खेल की कुत्सित योजना रही।’’ वह 29 जनवरी को बीमार चल रहे गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से राहुल गांधी द्वारा मुलाकात करने का जिक्र कर रहे थे। 

गांधी ने दावा किया था कि पर्रिकर ने उनसे कहा कि (बतौर रक्षा मंत्री) उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राफेल लड़ाकू जेट सौदे में किये गये बदलावों के प्रति अंधेरे में रखा। पर्रिकर ने गांधी के दावे से यह कहते हुए इनकार किया था कि कांग्रेस नेता को पांच मिनट के शिष्टाचार भेंट को राजनीतिक लाभ के लिए दुरूपयोग नहीं करना चाहिए। पर्रिकर का इस साल 17 मार्च को निधन हो गया। 

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राहुल गांधी को राफेल सौदे के सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ गलत तरीके से शीर्ष अदालत के हवाले से टिप्पणी करने पर फटकार लगाई और उन्हें भविष्य में अधिक सावधानी बरतने की नसीहत दी। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही बंद कर दी। 
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