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AIMIM नेता ने शरद पवार पर निशाना साधा , कहा - भाजपा के खिलाफ कोई भी राजनीतिक मोर्चा मुसलमानों की भागीदारी के बिना संभव नहीं

एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने बुधवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधा और कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ कोई भी राजनीतिक मोर्चा मुसलमानों की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। पवार ने एक दिन पहले ही दिल्ली में विपक्षी नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी।
AIMIM नेता ने शरद पवार पर निशाना साधा , कहा - भाजपा के खिलाफ कोई भी राजनीतिक मोर्चा मुसलमानों की भागीदारी के बिना संभव नहीं
एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने बुधवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधा और कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ कोई भी राजनीतिक मोर्चा मुसलमानों की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। पवार ने एक दिन पहले ही दिल्ली में विपक्षी नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी।
जलील ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
औरंगाबाद के सांसद ने कहा, ‘‘अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मोर्चा बनाया जा रहा है तो यह मुसलमानों के बिना मूर्त रूप नहीं ले सकता। देश में मुसलमान एआईएमआईएम के साथ खड़े हैं। अगर शरद पवार को लगता है कि मुसलमान राकांपा के साथ हैं तो उन्हें औरंगाबाद आना चाहिए और देखना चाहिए कि कितने मुसलमान हैं उसके साथ हैं।’’
उन्होंने कहा कि राकांपा का नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन नहीं चलेगा।
जलील ने कहा कि एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश और दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम नेतृत्व को खत्म कर दिया है। जब आजम खान को जेल भेजा गया था, तो मुस्लिम नेताओं ने उन्हें छोड़ दिया था। उत्तर प्रदेश में गठबंधन करने और लड़ने के लिए सीटों की संख्या का निर्णय एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा लिया जाएगा।’’
जलील ने आरोप लगाया कि ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार हमने सोचा था कि आम आदमी पार्टी (आप) हमारे (मुसलमानों) लिए बोलेगी, लेकिन दिल्ली दंगों ने खुलासा किया कि नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दिल्ली के लोग इसे जानते हैं।’’
औरंगाबाद में स्थानीय निकाय चुनावों के बारे में बात करते हुए जलील ने कहा कि एआईएमआईएम गैर-मुस्लिम क्षेत्रों से भी चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी प्रतिद्वंद्वी शिवसेना भी गठबंधन की बात कर रही है, जबकि वे औरंगाबाद जिले को अपना गढ़ होने का दावा करते हैं।
इस बीच, जलील ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के आवंटन में केंद्रीय एजेंसियों की ओर से ‘‘गलत प्राथमिकताओं’’ का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय एजेंसियां बुनियादी ढांचा परियोजनाएं वहां मुहैया करा रही हैं, जहां औरंगाबाद में आम लोग और जनप्रतिनिधि उन्हें नहीं चाहते हैं। अगर उन जगहों पर फ्लाईओवर नहीं बनाए गए जहां लोग चाहते हैं, तो हम काम का विरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के क्षेत्र में एक फ्लाईओवर प्रस्तावित है, हालांकि आकाशवाणी या अमरप्रीत चौक पर इसकी अधिक आवश्यकता है।
सांसद ने कहा, ‘‘बल्कि, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी हमें एक फ्लाईओवर प्रदान करें जो सीधे वाहनों को औरंगाबाद-जालना मार्ग पर शहर से बाहर ले जाए। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास में मदद मिलेगी।’’
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