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पंजाब, हरियाणा के मुख्यमंत्रियों पर केस दर्ज करे एयर क्वालिटी कमीशन : दिल्ली सरकार

दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने से कोरोना महामारी ने अब और भयंकर रूप ले लिया है। दिल्ली सरकार प्रदूषण के लिए हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों को जिम्मेदार ठहरा रही है।
पंजाब, हरियाणा के मुख्यमंत्रियों पर केस दर्ज करे एयर क्वालिटी कमीशन : दिल्ली सरकार
दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने से कोरोना महामारी ने अब और भयंकर रूप ले लिया है। दिल्ली सरकार प्रदूषण के लिए हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों को जिम्मेदार ठहरा रही है। इसी विषय पर सोमवार को दिल्ली सरकार के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार द्वारा गठित एयर क्वालिटी कमीशन के दफ्तर जाकर अपनी बात रखी। दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति ने पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की वजह से दिल्ली में बढ़ने वाले प्रदूषण के मुद्दे पर सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा गठित एयर क्वालिटी कमीशन (एक्यूसी) से मुलाकात की। 
पर्यावरण समिति की चेयरपर्सन आतिशी ने कहा, समिति ने कमीशन से मुलाकात कर पराली जलाने पर पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की जवाबदेही तय करने और केस दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, कमीशन से पंजाब और हरियाणा की सरकारों को बॉयो डीकंपोजर तकनीक से पराली का समाधान करने के लिए आदेश जारी करने का भी अनुरोध किया ग् है। 
एयर क्वालिटी कमीशन के साथ मीटिंग के बाद आम आदमी पार्टी की विधायक एवं दिल्ली विधानसभा पर्यावरण समिति की चेयरपर्सन आतिशी ने कहा, हम यहां इस मीटिंग के लिए इसलिए आए थे, क्योंकि हर वर्ष अक्टूबर और नवंबर के महीने में दिल्ली में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अस्थमा के मरीजों को, बुजुर्गों को, बच्चों को बड़ी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। एयर क्वालिटी कमीशन से मिलकर हमने दो महत्वपूर्ण मांग उनके समक्ष रखी। पहला, दिल्ली के पूसा इंस्टीट्यूट ने पराली को डीकंपोज करने के लिए जो एक तकनीक इजाद की है, एयर क्वालिटी कमिशन हरियाणा और पंजाब की सरकारों को उसका इस्तेमाल करने के आदेश दे। हर वर्ष जो हरियाणा और पंजाब के किसानों को पराली जलानी पड़ती है, जिससे बहुत ज्यादा प्रदूषण होता है, उसको रोका जा सके। दूसरा, केवल इस तकनीक का इस्तेमाल करने का आदेश देना ही काफी नहीं है। पंजाब और हरियाणा की सरकारों को सख्त आदेश दिए जाएं कि वह पराली जलाने के इस सिलसिले को रोकें और यदि वह ऐसा करने में नाकाम होते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। 
आतिशी ने कहा, एयर क्वालिटी कमीशन के पास पावर है कि वह प्रदूषण फैलाने के जुर्म में खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकती है। उसे 5 साल के लिए जेल तक भिजवा सकती है। हमने कमीशन से आग्रह किया है कि पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से इस संबंध में जवाब मांगा जाए। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
उन्होंने बताया कि एयर क्वालिटी कमीशन ने आश्वासन दिया है कि वह इस संबंध में जल्द से जल्द महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पूसा इंस्टिट्यूट के साथ भी कमीशन ने एक बैठक का आयोजन रखा है। बैठक के बाद आगे की प्रक्रिया पर कमीशन फैसला लेगा। हम लोग भी इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि एयर क्वालिटी कमीशन जल्द से जल्द इस मामले पर कार्यवाही करेगा।
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