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'जिहादी उन्माद' फैलाकर फिर जनता को भटकाने की कोशिश में लग गये सीएम योगी : अखिलेश

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज करते हुए बुधवार को कहा कि योगी 'जिहादी उन्माद' फैलाकर फिर जनता को भटकाने की कोशिश में लग गये हैं।
'जिहादी उन्माद' फैलाकर फिर जनता को भटकाने की कोशिश में लग गये सीएम योगी : अखिलेश
कथित 'लव जिहाद' के खिलाफ लाये गये अध्यादेश की चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज करते हुए बुधवार को कहा कि योगी 'जिहादी उन्माद' फैलाकर फिर जनता को भटकाने की कोशिश में लग गये हैं। 
अखिलेश ने यहां एक बयान में कहा ''मुख्यमंत्री जी जिहादी उन्माद फैलाकर फिर जनता को भटकाने की कोशिश में लग गए हैं। नफरत फैलाकर समाज को बांटने की भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पुरानी रणनीति है। रोज नए-नए कड़े कानून अपनी अकर्मण्यता छुपाने के लिए ही लाए जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ''सख्त बयान तो किसी मर्ज का इलाज नहीं है। वैसे भी कानून कड़ा या नरम नहीं होता है, उसका कैसे प्रयोग होता है, इस पर उसका प्रभावी या अप्रभावी होना निर्भर करता है।'' 
गौरतलब है कि प्रदेश के योगी मंत्रिमण्डल ने मंगलवार को कथित 'लव जिहाद' के खिलाफ अध्यादेश पर मुहर लगा दी है। इसके तहत अब छल, कपट या जोर-जबर्दस्ती से शादी के जरिये धर्म परिवर्तन करने को गैरजमानती अपराध बना दिया गया है। इसका उल्लंघन करने पर अधिकतम 10 साल कैद की सजा तय की गयी है। अखिलेश ने कहा कि कि प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के पौने चार साल बीत रहे हैं, मगर जनता की तकलीफें घटने के बजाय बढ़ती गई है। 
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था खराब दौर से गुजर रही है; मंहगाई और भ्रष्टाचार चरम पर है; काला बाजारियों और जमाखोरों पर कोई अंकुश नहीं है; कानून व्यवस्था चौपट है; बर्बादी के इन बुरे दिनों में भी भाजपा सरकार को बस दो ही बातें सूझ रही है; 'राम नाम सत्य' करो या 'जिहाद' बोल दो। 
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता भी समझ गई है कि जुमलेबाजी और तुक्केबाजी वाली सरकार से उसका कोई भला होने वाला नहीं है, इसीलिए उसने भी वर्ष 2022 के आगामी विधानसभा चुनावों में इस नाकामयाब और नाकाबिल सरकार का 'राम नाम सत्य' करने का इरादा कर लिया है। 
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