दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सभी एजेंसियों को साथ मिलकर काम करना होगा : जावड़ेकर

केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को सभी एजेंसियों से राष्ट्रीय राजधानी की खराब हो रही वायु गुणवत्ता और प्रदूषण से निपटने के लिए 'मिलकर काम' करने को कहा। 

लगातार चौथे दिन दिल्ली पर जहरीले धूमकोहरे (स्मॉग) की चादर छाई रही। वायु प्रदूषण की हालत इतनी खराब है कि हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। 

यहां एक संवाददाता सम्मेलन में जावड़ेकर ने कहा कि अभी विभिन्न एजेंसियों का एक-दूसरे पर दोषारोपण करने का समय नहीं है। 

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली का प्रदूषण सिर्फ इस शहर की दिक्कत नहीं है.....दिल्ली की हवा 1990 के दशक से ही खराब हो रही है। परिस्थिति बदलने के बाद रोज नयी चुनौतियां सामने आ रही हैं। हमने औद्योगिक प्रदूषण, विनिर्माण मलबा और धूल आदि कम करने की दिशा में काम किया है। काम लगातार जारी है।’’ 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन सभी को साथ मिलकर काम करना चाहिए। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सरकार, तीनों एमसीडी और एनडीएमसी, डीडीए और अन्य एजेंसियों का सहयोग इससे निपटने के लिए जरूरी है। सभी को मिलकर काम करना होगा।’’ 

उन्होंने कहा कि सरकार ‘वायु प्रदूषण के मुद्दे को लेकर बहुत गंभीर है।’ 

मंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण ऐसा मुद्दा है जिससे सभी एजेंसियों को मिलकर निपटना चाहिए। यह समय एक दूसरे पर दोषारोपण का नहीं है। हम प्रदूषण के मुद्दे पर बेहद गंभीर हैं। 

राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शाम चार बजे 463 था और द्वारका सेक्टर आठ सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहा, जहां एक्यूआई 495 था। वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले अधिकतर स्टेशनों ने एक्यूआई 450 से अधिक दर्ज किया। 

पास के फरीदाबाद (450), गाजियाबाद (475), ग्रेटर नोएडा (445), गुरुग्राम (461) और नोएडा (474) में भी वायु गुणवत्ता बेहद गंभीर रही। 

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