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भारत को अधिकाधिक सहायता पहुंचाने के लिए सामने आई अमेरिकी कंपनियां, चिकित्सीय उपकरण भेजने में जुटी

अमेरिकी कंपनी जगत भारत को कोविड 19 महामारी के प्रकोप का सामाना करने में मदद के लिए सहायता सामग्री बढ़ाने में लगा है।
भारत को अधिकाधिक सहायता पहुंचाने के लिए सामने आई अमेरिकी कंपनियां, चिकित्सीय उपकरण भेजने में जुटी
अमेरिकी कंपनी जगत भारत को कोविड 19 महामारी के प्रकोप का सामाना करने में मदद के लिए सहायता सामग्री बढ़ाने में लगा है। कंपनियां वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसेंटेटर आदि भेजने में जुटी हैं ताकि देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों की प्राण रक्षा में मदद हो सके। भारत में इस समय हर दिन 4 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जा रहे है। अस्पताल बेड और ऑक्सीजन सहायाता की कमी से जूझ रहे हैं।
थर्मो फिशर ने शनिवार को यूनाइटेड एयरलाइन की मदद से भारत के लिए आवश्यक सहायता सामग्री की एक खेप रवाना की। कंपनी ने कहा कि हम विनम्रता के साथ कोविड 19 का सामाना करने में भारत के अपने साथियों और वहां के लोगों की यह सहायता करना चाहते हैं। कंपनी की ओर से भेजी गयी सामग्री में 46 लाख वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम ट्यूब भी हैं जो वयरल के नमूनों को सूखने से और सूक्षम जीवाणुओं के प्रदूषण से बचाती हैं।
भारत-अमेरिका रणनीतिक भागीदारी एवं मंच के अध्यक्ष मुकेश अघी ने इस मदद के लिए कंपनी के प्रति आभार जताया।अमेरिकन एयरलाइन्स ने कहा कि वह रेडक्रास के साथ मिल कर पूरी दुनिया में कोविड 19 से बचाव में लोगों की मदद कर रही है। कंपनी एमवे ने अमेरिकी वाणिज्य मंडल के नेतृत्व में काम कर रहे एक न्यास को 5 लाख डालर का चंदा दिया है। इससे भारत को 1000 वेंटिलेटर और 25,0000 आक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें भेजी जाएंगी। कंपनी के मुख्य अधिशासी मिलिंद पंत ने कहा, ‘एमवे के वैश्वि परिवार का मन-मस्तिष्क इस समय भारत पर लगा है।’
डेविड एंड कैरॉल फेमिली फाउंडेशन ने भी ढाई लाख डालर की सहायता की घोषणा की है। अमेरिका इंडिया फाउंडेशन ने कहा है कि उसे भारत में कोविड 19 चिकित्सा सुविधाओं में सहायता के लिए चुब चैरिटेबल फाउंडेशन से 5 लाख रुपये की मदद मिली है। इससे अस्पतालों को 100 सुविधाओं से सुसज्जित पोर्टेबल खाट उपलब्ध कराए जाएंगे। भारत में कोविड 19 की दूसरी लहर में नित नए मरीजों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए अमेरिका की सरकार, कंपनियां और यहां के लोग भारत के लिए राहत सामग्री भेजने में बराबर जुटे हैं।
अमेरिका की 45 से अधिक बड़ी कंपनियां और उनके मुख्य अधिशासी अधिकारी अमेरकी इस उद्येश्य से गठित एक कार्यबल में शामिल हैं। इसका गठन अमेरिकी वाणिज्य उद्योगमंडल और बिजनस राउंडटेबल नाम के कंपनी संघों ने अमेरिका-भारत व्यावसायिक परिषद और अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी मंच ने किया है। इस कार्यबल ने अब तक भारत को 25,000 आक्सीजन कंसंट्रेटर और 1000 वेटिलेटर भेजने की घोषणा की है। गूगल, डेलाइट , माइक्रोसाफ्ट, वालमार्ट , बोइंग और मास्टरकार्ड जैसे बड़े अमेरिकी व्यावसायिक प्रतिष्ठान भारत को कोविड सहायता भेजने में हाथ बंटा रहे हैं।
अमेरिका की सरकारी एजेंसी यूएसयेड अब तक भारत को छह विमानों में स्वास्थ्य सेवाओं में काम आने वाली सामग्री भेज चुकी है। जो बाइडन सरकार ने अभी भारत को 10 करोड़ डालर की सहायता देने की घोषणा की है और उम्मीद है कि समीक्षा के बाद राष्ट्रपति इस राशि को और बढ़ा सकते हैं। इस समय भारतीय मूल के अमरीकी भी भारत को सहायता भेजने में बढ़ चढ़ कर आगे आ रहे हैं।
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