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अमित शाह ने एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर किया याद, बोले- वह दूरद्रष्टा नेता थे

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम को उनकी जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने याद करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वह ऐसे दूरद्रष्टा नेता थे जिन्होंने हमेशा एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना चाहा।
अमित शाह ने एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर किया याद, बोले- वह दूरद्रष्टा नेता थे
 पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम को उनकी जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने याद करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वह ऐसे दूरद्रष्टा नेता थे जिन्होंने हमेशा एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना चाहा। 
शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर स्मरण कर रहा हूं। वह ऐसे दूरद्रष्टा नेता और भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रम के प्रणेता थे, जिन्होंने हमेशा एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना चाहा। विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी अमिट विरासत प्रेरणा का सारसंग्रह है।’’ वर्ष 2002 से 2007 तक देश के 11वें राष्ट्रपति रहे अबुल पाकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्तूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम शहर में हुआ था। 
भारत ने 1998 में जब पांच परमाणु परीक्षण किए थे तब डॉ. कलाम रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के महानिदेशक थे और इस नाते वह परमाणु परीक्षण कर रही टीम का नेतृत्व कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि पोखरण में 1974 में किए गए पहले परीक्षण के बाद 1998 में दूसरी बार परीक्षण किया गया था और उस समय केंद्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार थी। 

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