+

सावधान! अगर अब भी नहीं सुधरें तो 35 से कम उम्र में आ सकता है Heart Attack

पहले ऐसा होता था कि एक उम्र के बाद ही हार्ट अटैक आने की आशंका रहती है, या फिर उन लोगों में इसकी आशंका ज्यादा होती है,जिनके परिवार में यह बीमारी पहले से रही हो।
सावधान! अगर अब भी नहीं सुधरें तो 35 से कम उम्र में आ सकता है Heart Attack
पहले ऐसा होता था कि एक उम्र के बाद ही हार्ट अटैक आने की आशंका रहती है, या फिर उन लोगों में इसकी आशंका ज्यादा होती है, जिनके परिवार में यह बीमारी पहले से रही हो।बात दें कि लेकिन अब ऐसा नहीं है।अब एक बुरी लाइफ स्टाइल की वजह से यह किसी भी उम्र में किसी को भी आ सकता है। इन दिनों जो बेहद आम कारण हो सकते हैं हार्ट अटैक के उनमें स्मोकिंग,अल्कोहल, जंक फूड का सेवन, ओवर टाइम और स्ट्रेस तनाव भी शामिल हैं।
लाइफ स्टाइल बेहद बुरी होने के कारण 
एमडी मेडिसिन डॉ संजय गुजराती के मुताबिक हाल ही में उनके पास 18 से 20 साल के लड़कों के ऐसे केस आए थे, जिन्हें हार्ट अटैक आया था। यानि यह शॉकिंग है कि इस उम्र में भी दिल के दौरे आ रहे हैं।डॉक्टरों का मानना है कि हमारी लाइफ स्टाइल बेहद बुरी हो गई है आधी से ज्यादा बीमारियां तो हम इसी वजह से पैदा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बहुत मोटे तौर पर 5 कारण ऐसे हैं जो आपको कम उम्र में भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी दे सकते हैं।
स्मोकिंग और अल्कोहल: अक्सर इस उम्र के युवा दूसरों की देखा-देखी में स्मोकिंग और अल्कोहल की आदत लगा लेते हैं, जिसके वो आदी हो जाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ये आदतें इंसान के अंदर कार्डियोवस्कुलर डिजिज जैसी बीमारी के लक्षण पैदा कर देते हैं। इसके बाद बॉडी में फैट बनता है और उसे फिर कोरोनरी हार्ट बीमारी हो जाती है।ज्यादा शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिसका सीधा असर बल्ड वेसैल्स पर पड़ने से हार्ट पंपिग शुरू हो जाता है। इससे हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है।
जंक फूड: आमतौर पर युवा पीढ़ी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जंक फूड पर निर्भर हैं, जिसमें वो तली चीजों का ज्यादातर इस्तेमाल करते हैं। इससे शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती है और इसका सीधा प्रभाव सीधा दिल पर पड़ता है।
ओवर टाइम: 30-45 के बीच के उम्र वाले लोग अपनी लाइफस्टाइल में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपने खाने पीने पर ध्यान नहीं देते हैं और बाहर की चीजों पर रोक नही लगा पाते हैं। वो सारा टाइम ऑफिस में कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं और इसके बाद भी वो घर वापस आकर भी फोन इस्तेमाल करते हैं।इसमें सोशल मीडिया भी जिम्मेदार है। जिसकी वजह से वर्क लोड सीधा ब्लड वेसेल्स पर असर डालता है। इसी के कारण युवा पीढ़ी और मिडल ऐज के लोग ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी का शिकार होते जा रहे हैं।
तनाव: तनाव यानि स्ट्रेस वो कारण है जिससे आपका तन और मन स्वस्थ नहीं रह सकता है। यह आपके दिल और मस्तिष्क पर प्रभाव डालता है। इससे जितना बचे और एंजॉय करें उतना अच्छा है
facebook twitter instagram