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निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नकदी लेन-देन से बचें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नकदी लेन-देन से बचें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने कहा विधानसभा चुनाव के सिलसिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है अतः बिना निश्चित कारण के पचास हजार रुपये से अधिक नकदी लेकर चलने और बड़े उपहार लेने-देने से बचें। 

विनय चौबे ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण को लेकर कई दिशा निर्देश दिए हैं, जिसका अक्षरशः पालन किया जाना है। 

इसके तहत उड़नदस्ता टीम, स्थैतिक निगरानी टीम अथवा प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा यदि जांच के दौरान किसी वाहन से 50 हजार रुपए से ज्यादा नकद पाया जाता है या किसी वाहन से अवैध शराब, मादक पदार्थ, ड्रग्स या अवैध हथियार या गैर कानूनी सामान मिलता है अथवा 10 हजार रुपए से ज्यादा कीमत की ऐसी उपहार सामग्री मिलती है, जिसका इस्तेमाल मतदाताओं को प्रलोभन दिए जाने के लिए किए जाने की संभावना हो तो वह जब्त की जा सकती है। ऐसे वाहनों की जांच और उसकी जब्ती की जानकारी संबंधित व्यक्ति को दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी। 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दरम्यान नकदी लेन-देन से बचें और भारी मात्रा में नकदी लेकर आवागमन ना करें। 

उन्होंने यह भी कहा कि आम लोगों की शिकायतों का निरारण करने के लिए हर जिले में तीन अधिकारियों की समिति बनाई गई है। इस समिति में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद उप विकास आयुक्त, जिला निर्वाचन कार्यालय में व्यय अनुवीक्षण के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी और जिला कोषागार पदाधिकारी सदस्य होंगे। समिति ऐसे सभी मामलों का अवलोकन करेगी और जब्ती पर निर्णय लेगी। 

चौबे ने प्रथम चरण के मतदान की 30 नवंबर की तिथि नजदीक होने के चलते निर्वाचन से जुड़े सभी पदाधिकारियों को मतदाताओं के वोटर स्लिप उनके घरों तक प्राथमिकता के साथ पहुंचाने के भी निर्देश दिये हैं। 

झारखंड में 30 नवंबर से प्रारंभ होकर 20 दिसंबर तक पांच चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। 


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