अयोध्या में सुरक्षा बलों की चप्पे-चप्पे पर नजर, आज बेंच बैठेगी, 3 दिन मोल्डिंग ऑफ रिलीफ

चालीस दिन की सुनवाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजनीतिक रूप से अति-महत्वपूर्ण 70 वर्ष पुराने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 6 अगस्त से मामले में रोजाना सुनवाई शुरू की थी। इससे पहले अदालत द्वारा नियुक्त मध्यस्थता पैनल मामले को सुलझाने में विफल रही थी। 

पैनल की अध्यक्षता शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश कर रहे थे। बुधवार को अपराह्न् चार बजे, मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश राजीव धवन बहस कर रहे थे, प्रधान न्यायाधीश ने सुनवाई को समाप्त कर दिया और घोषणा करते हुए कहा कि अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब हर किसी की नज़र सिर्फ इस मामले के फैसले पर है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की पीठ ने इस मसले को सुना और अब वह इस ऐतिहासिक फैसले को लिखेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले पर एक महीने के अंदर फैसला आ सकता है। इसी बीच हर तरफ उलटी गिनती शुरू हो गयी है। इसी दौरान सुरक्षा बलों की सरगर्मी भी तेज हो गई है। 

हाइवे से लेकर सरयू नदी के पुल और शहर के आंतरिक मार्गों से लेकर रामकोट तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवानों को तैनात कर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है। इस मामले पर सुनवाई पूरी हुई तो सुप्रीम कोर्ट की ओर से सभी पक्षों को मोल्डिंग ऑफ रिलीफ के लिए तीन दिन का समय दिया गया। अगले तीन दिन में पक्षकारों को लिखित हलफनामा अदालत में सबमिट करना होगा।इसके साथ ही मामले की सुनवाई करने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ मुद्दों पर विचार करने के लिए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट चैंबर में बैठेगी और मामले पर विचार करेगी।
Tags : Narendra Modi,कांग्रेस,Congress,नरेंद्र मोदी,राहुल गांधी,Rahul Gandhi,punjabkesri ,security forces,Ayodhya,bench,Supreme Court,hearing