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नक्सलियों के खिलाफ बस्तर पुलिस ने उग्र प्रचार अभियान की शुरुआत की, स्थानीय भाषाओं का लिया सहारा

पुलिस ने पोस्टर, लघु फिल्मों, ऑडियो क्लिप और अन्य लोकप्रिय प्रचार विधियों के माध्यम से, नक्सलियों की विकास विरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक उग्र अभियान के प्रचार की शुरुआत की है।
नक्सलियों के खिलाफ बस्तर पुलिस ने उग्र प्रचार अभियान की शुरुआत की, स्थानीय भाषाओं का लिया सहारा
बस्तर की स्थानीय पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ एक मुहीम की शुरुआत की है। पुलिस ने पोस्टर, लघु फिल्मों, ऑडियो क्लिप और अन्य लोकप्रिय प्रचार विधियों के माध्यम से, नक्सलियों के आदिवासी और विकास विरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक उग्र अभियान के प्रचार की शुरुआत की है। 
बस्तर पुलिस ने प्रचार की इस मुहीम को कई स्थानीय भाषाओं में शुरू किया है। गोंडी, हल्बी और अन्य स्थानीय जनजातीय बोलियों में पोस्टर, बैनर के साथ-साथ ऑडियो और वीडियो क्लिप इस अभियान का मुख्य आकर्षण है। बस्तर पुलिस ने एक विज्ञप्ति में कहा कि 'बस्तर THA MATTA' और 'बस्तर CHO AWAAZ' नाम का अभियान बस्तर के लोगों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करेगा। 
बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। पोस्टर जारी करते हुए उन्होंने बताया कि नक्सलियों के विकास विरोधी और आदिवासी विरोधी चेहरे को उजागर करने के लिए बस्तर पुलिस ने प्रति प्रचार युद्ध छेड़ा है। 
बस्तर रेंज के आईजीपी सुंदरराज पट्टलिंगम ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बस्तर पुलिस ने माओवादी कैडरों के असली, बदसूरत और क्रूर चेहरे को बेनकाब करने के लिए "बस्तर थार मेटा" काउंटर प्रचार अभियान शुरू किया। पिछले पांच दशकों में वरिष्ठ माओवादी कैडरों द्वारा किस तरह से उन्हें गुमराह किया गया और उनका शोषण किया गया, इस बारे में स्वदेशी आबादी को जागरूक किया जाएगा।


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