+

भूमि पूजन से पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का ट्वीट, बाबरी मस्जिद थी और हमेशा रहेगी

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने राम मंदिर के निर्माण की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए 'अन्यायपूर्ण और अनुचित" बताया है।
भूमि पूजन से पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का ट्वीट, बाबरी मस्जिद थी और हमेशा रहेगी
राम मंदिर निर्माण को लेकर देशभर में जश्न का माहौल है। वहीं भूमि पूजन से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने विवादित ट्वीट किया। बोर्ड ने राम मंदिर के निर्माण की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए 'अन्यायपूर्ण और अनुचित" बताया है। 
बोर्ड ने ट्वीट किया, 'बाबरी मस्जिद थी और हमेशा एक मस्जिद रहेगी। हागिया सोफिया हमारे लिए एक बेहतरी उदाहरण है। अन्यायपूर्ण, दमनकारी, शर्मनाक और बहुसंख्यक तुष्टिकरण के आधार पर भूमि का पुनर्निर्धारण करने वाला फैसला इसे बदल नहीं सकता है। उदास होने की जरूरत नहीं है। स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती है।'
वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मोहम्मद वली रहमानी ने कहा, 'बाबरी मस्जिद को कभी भी किसी मंदिर को तोड़कर नहीं बनाया गया था।' उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना है कि मस्जिद में मूर्तियों को रखना गैरकानूनी था। 
इससे पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी ट्वीट कर कहा है कि बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी। ओवैसी भूमि पूजन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या जाने का भी विरोध कर चुके हैं।

facebook twitter