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बंगाल भाजपा टूट की कगार पर, अर्जुन सिंह का दावा

हाल में तृणमूल कांग्रेस में वापस आए भारतीय जनता पार्टी के सांसद अर्जुन सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि उनकी तरह और नेता भाजपा छोड़ने को उत्सुक हैं।
बंगाल भाजपा टूट की कगार पर, अर्जुन सिंह का दावा
हाल में तृणमूल कांग्रेस में वापस आए भारतीय जनता पार्टी के सांसद अर्जुन सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि उनकी तरह और नेता भाजपा छोड़ने को उत्सुक हैं। सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था और दो दिन पहले अपनी मूल पार्टी में लौट गये। उन्होंने दावा किया कि वह भाजपा सांसद सौमित्र खान के साथ संपर्क में हैं, लेकिन उनके अगले कदम के बारे में समय ही बताएगा।
इंतजार कीजिये और देखिये कि क्या होता है- अर्जुन सिंह 
सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कई लोग (भाजपा से) तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं। इंतजार कीजिये और देखिये कि क्या होता है।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या पिछले आम चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आये सौमित्र खान भी फिर से पाला बदल सकते हैं तो सिंह ने कहा, ‘‘सौमित्र मेरे छोटे भाई की तरह हैं। मैं अभी इस बारे में टिप्पणी नहीं करुंगा। कृपया इंतजार कीजिए।’’
सौमित्र खान ने खारिज की अर्जुन सिंह की टिप्पणी 
हालांकि, खान ने सिंह द्वारा शुरू की गयीं अटकलों को खारिज कर दिया, लेकिन कहा कि बैरकपुर के सांसद सिंह और तृणमूल कांग्रेस के कुछ अन्य सांसदों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। खान ने कहा, ‘‘मेरे सुखेंदु शेखर राय और अपरुपा पोद्दार जैसे तृणमूल सांसदों के साथ अच्छे संबंध हैं। लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि मैं उस दिन तृणमूल कांग्रेस में आ सकता हूं, जब अभिषेक बनर्जी पार्टी छोड़ देंगे। मैंने कभी अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में काम नहीं करने का फैसला किया है।’’
अर्जुन सिंह के दावे पर भाजपा सांसद और पार्टी की प्रदेश महासचिव लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के नेता अविश्वास का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर ऐसी स्थिति चलती रही तो बंगाल भाजपा में नही रहेगी - तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता 
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम साफ करना चाहेंगे कि यदि कोई पार्टी छोड़ना चाहता है तो ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। अवसरवादियों के लिए पार्टी छोड़ने के दरवाजे खुले हैं। हमें हमारे समर्पित जमीनी कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त है।’’
तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने चटर्जी की बात पर चुटकी लेते हुए दावा किया कि अगर भाजपा अपने दरवाजे खोलने की हिम्मत दिखाए तो कोई नेता उसके खेमे में नहीं बचेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में पश्चिम बंगाल में भाजपा नहीं रहेगी।’’
 
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