बस 500 करें Invest और बने मालिक! Bharat Taxi चलाकर कैसे Big Profit कमा सकते हैं ड्राइवर, अमित शाह ने समझाया पूरा प्लान
04:40 PM Feb 24, 2026 IST | Amit Kumar
Bharat Taxi Investment Profits: Ola-Uber जैसी प्राइवेट कैब कंपनियों के मुकाबले अब एक नया ऑप्शन सामने आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने “Bharat Taxi” नाम से एक नई सहकारी कैब सेवा की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य ड्राइवर्स को मालिकाना हक देना और उनकी आय बढ़ाना है। यह मॉडल अमूल की तर्ज पर तैयार किया गया है, जहां छोटे निवेश से लोग सहकारी संस्था के सदस्य बनकर लाभ में हिस्सेदार होते हैं। नीचे आसान भाषा में समझिए भारत टैक्सी का पूरा मॉडल।
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Bharat Taxi Investment Profits: क्या है भारत टैक्सी?

- भारत टैक्सी एक सहकारी (कोऑपरेटिव) कैब सेवा है।
- इसमें ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि हिस्सेदार (को-ऑनर) भी बनेंगे।
- इस योजना के तहत कोई भी कैब चालक 500 रुपये का निवेश करके संस्था का सदस्य बन सकता है।
- सरकार की कोशिश है कि ड्राइवर्स को ज्यादा कमाई मिले और उन्हें कंपनी के फैसलों में भी भागीदारी का मौका मिले।
Amit Shah Interact with Bharat Taxi Drivers: अमूल जैसा सहकारी मॉडल

- भारत टैक्सी का ढांचा अमूल के सहकारी मॉडल से प्रेरित है।
- अमूल में भी छोटे-छोटे निवेश से लोग सदस्य बने और आज वह एक बड़ी सहकारी संस्था बन चुकी है।
- इसी तरह, भारत टैक्सी में भी ड्राइवर्स 500 रुपये का शेयर लेकर को-ऑनर बन सकते हैं।
- यहां मुनाफा केवल कंपनी के पास नहीं रहेगा, बल्कि उसे सदस्यों यानी ड्राइवर्स में बांटा जाएगा।
- साथ ही, संस्था के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी ड्राइवर्स के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि फैसलों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
Bharat Taxi Earnings: ड्राइवर्स को कितनी मिलेगी कमाई?
- इस मॉडल की सबसे खास बात कमाई का बंटवारा है। भारत टैक्सी में प्लेटफॉर्म और ड्राइवर के बीच कमाई 80:20 के अनुपात में बांटी जाएगी।
- 80% हिस्सा ड्राइवर को मिलेगा
- 20% हिस्सा प्लेटफॉर्म को जाएगा
- उदाहरण के लिए, अगर किसी राइड से 100 रुपये की कमाई होती है, तो 80 रुपये सीधे ड्राइवर के खाते में जाएंगे और 20 रुपये प्लेटफॉर्म रखेगा।
- सरकार का कहना है कि इसमें ड्राइवर्स की न्यूनतम आय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि उन्हें स्थिर कमाई मिल सके।
Bharat Taxi Profit: ओला-उबर से कैसे अलग है मॉडल?
- Private Cab कंपनियों में ड्राइवर्स को आमतौर पर 25% से 30% तक कमीशन देना पड़ता है। यानी बड़ी हिस्सेदारी कंपनी अपने पास रखती है।
- इसके उलट, भारत टैक्सी में ज्यादातर कमाई ड्राइवर को मिलेगी। इस कारण यह मॉडल ड्राइवर्स के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जा रहा है।
- इसके अलावा, प्राइवेट कंपनियों में ड्राइवर केवल सर्विस प्रोवाइडर होते हैं, जबकि भारत टैक्सी में वे सह-मालिक (Co-owner) होंगे।
कहां से हुई शुरुआत?
- भारत टैक्सी की शुरुआत फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और राजकोट में की गई है।
- सरकार की योजना है कि अगले दो साल के भीतर इसे देश के हर बड़े शहर और नगर निगम तक पहुंचाया जाए।
- बताया गया है कि आने वाले समय में करीब 15 करोड़ कैब चालकों को इस योजना से जोड़ने की तैयारी है।
- हालांकि, मुनाफा बांटने की पूरी व्यवस्था लागू होने में लगभग तीन साल का समय लग सकता है।
आगे की संभावनाएं
- सरकार का मानना है कि यह मॉडल ड्राइवर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा।
- अगर यह योजना सफल होती है, तो यह देश में कैब सेवा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।
- छोटे निवेश से मालिकाना हक और ज्यादा हिस्सेदारी मिलने के कारण ड्राइवर्स का रुझान इस ओर तेजी से बढ़ सकता है।
- कुल मिलाकर, भारत टैक्सी एक ऐसा प्रयास है जिसमें ड्राइवर्स को सिर्फ काम करने वाला नहीं, बल्कि संस्था का भागीदार बनाने की सोच है।
- आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मॉडल बाजार में कितना सफल होता है और निजी कंपनियों को कितनी चुनौती देता है।
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