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जनता के साथ 'मां' के आशीर्वाद ने बदली निरहुआ की किस्मत, आजमगढ़ जीतने में ये फैक्टर साबित हुए मास्टरस्ट्रोक

आजमगढ़ में भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' ने उपचुनाव जीतकर कई लोगों का दिल जीत लिया और आम चुनाव में मिली हार का बदला पूरा किया।
जनता के साथ 'मां' के आशीर्वाद ने बदली निरहुआ की किस्मत, आजमगढ़ जीतने में ये फैक्टर साबित हुए मास्टरस्ट्रोक
आजमगढ़ में भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' ने उपचुनाव जीतकर कई लोगों का दिल जीत लिया और आम चुनाव में मिली हार का बदला पूरा किया। स्थानीय भाजपा नेता राम प्रकाश यादव का कहना है, "जब वे आए, तो हमने सोचा कि वह अन्य सितारों की तरह होंगे, लेकिन कुछ ही समय में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और फिर मतदाताओं के दिलों में अपनी जगह बना ली। उन्होंने कभी कोई घमंड या दिखावा नहीं किया और हम में से एक बन गए। चुनाव में उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के हर कार्यकर्ता ने ओवरटाइम किया।"
जनता के साथ - साथ मां के आशीर्वाद ने दिलाई जीत - निरहुआ 
निरहुआ ने कहा, "मैं लोगों के प्यार, अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और दिग्गज नेताओं के मार्गदर्शन के कारण जीता हूं। सबसे बढ़कर, मेरी मां का आशीर्वाद मेरे लिए था।"अपने फिल्मी करियर और राजनीति में संतुलन के बारे में बात करते हुए, निरहुआ ने कहा, "मेरे पास पहले से ही 12 फिल्में हैं, जहां मैंने अपना काम पूरा कर लिया है। ये फिल्में अगले दो साल में रिलीज होंगी। इसलिए, मैं अपना सारा समय आजमगढ़ को समर्पित कर सकता हूं।"
 मनोज तिवारी और रवि किशन रहे आइडियल 
भोजपुरी स्टार से लेकर बिग बॉस के प्रतियोगी और अब सांसद निरहुआ ने राजनेता बनने तक का लंबा सफर तय किया है। राजनीति में अपने साथी कलाकारों मनोज तिवारी और रवि किशन की सफलता को देखकर निरहुआ ने भी चुनाव लड़ने का फैसला किया और साल 2019 में भाजपा के टिकट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि वह सपा अध्यक्ष से हार गए, लेकिन उन्होंने आजमगढ़ से हार नहीं मानी और निर्वाचन क्षेत्र का दौरा जारी रखा। हाल ही में संपन्न हुए उपचुनावों में निरहुआ की जीत ने इस हार का बदला लिया। 

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