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बिहार: श्मशान घाटों पर रखी जाएगी सीसीटीवी से नजर, अवैध वसूली पर कसेगा शिकंजा

बिहार में श्मशान घाटों पर शवों की अंत्येष्टि के लिए भीड़ लग रही है, जिसका लाभ कई बिचैलिए भी उठा रहे हैं। इस आपदा को कमाई का साधन बनाने वालों पर अब नजर रखने के लिए पटना नगर निगम श्मशान घाटों पर सीसीटीवी लगाने का निर्णय लिया है।
बिहार: श्मशान घाटों पर रखी जाएगी सीसीटीवी से नजर, अवैध वसूली पर कसेगा शिकंजा
बिहार में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों के मरने वालों की संख्या में वृद्धि के बाद श्मशान घाटों पर शवों की अंत्येष्टि के लिए भीड़ लग रही है, जिसका लाभ कई बिचैलिए भी उठा रहे हैं। इस आपदा को कमाई का साधन बनाने वालों पर अब नजर रखने के लिए पटना नगर निगम श्मशान घाटों पर सीसीटीवी लगाने का निर्णय लिया है।
पटना के बांस घाट, गुलाबी घाट और खाजेकला घाट में अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई है। पटना नगर निगम आयुक्त हिमांशु शर्मा ने बताया कि कोविड से मृत लोगों का दाह संस्कार नि:शुल्क होता है। लकड़ी से दाह संस्कार को लेकर घाटों पर लकड़ी की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए घाटों पर नि:शुल्क वितरण के लिए एक काउंटर की स्थापना होगी।
पटना नगर निगम द्वारा सोमवार को स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन द्वारा लोगों को यह सूचना भी दी है तथा लोगों से अपील की गई है कि तीनों घाटों पर विद्युत शवदाहगृह के माध्यम से अंत्येष्टि के लिए घाट पर पहुंचने से पहले संबंधित घाट के कंट्रोल रूम में कॉल कर अत्येष्टि के लिए समय निर्धारित कर लें। कंट्रोल रूम के फोन नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं।
अंत्येष्टि के लिए शव को घाट पर ले जाने से पहले परिजन संबंधित घाट के कंट्रोल रूम को सूचना दे सकते हैं। सूचना मिलने पर कंट्रोल रूम से परिजन को इस बात की जानकारी दी जाएगी कि कितने बजे शव को लेकर पहुंचना है। इससे परिजनों को घाट पर अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। निगम बिचैलियों से भी लोगों को बचने की अपील की है।
घाटों पर किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हो इसके लिए अधिकारी लगातार निरीक्षण करेंगे। शर्मा ने बताया कि अंत्येष्टि स्थलों पर सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। प्रत्येक दिन अधिकारी सीसीटीवी की मॉनिटरिंग करेंगे, जिसके आधार गड़बडी करने वाले निगमकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अंत्येष्टि स्थलों पर निगम कर्मी, टास्क फोर्स, आउटसोर्स सफाई कर्मी यूनिफॉर्म में ड्यूटी पर तैनात रहेंगे, ताकि गड़बड़ी करनेवाले लोगों की पहचान हो सके। उल्लेखनीय है कि अंत्येष्टि स्थलों पर अवैध पैसा वसूले जाने की लगातार शिकायत आ रही थी।
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