Bihar Bridge Construction Accident: समस्तीपुर में गंगा पुल निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, स्लैब टूटने से 6 मजदूर घायल
बिहार के समस्तीपुर जिले में बन रहे ताजपुर-बख्तियारपुर गंगा पुल से शनिवार को बड़ा हादसा सामने आया है। दरअसल, मोहनपुर प्रखंड के राजपुर-जौनापुर गंगा घाट के पास निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान पुल के पिलर संख्या-58 के पास अचानक एक बड़ा स्लैब टूटकर नीचे गिर गया। उस समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, जिससे 6 मजदूर इसकी चपेट (Six Workers Injured in Bihar) में आकर घायल हो गए।
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक सभी मजदूरों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। हालांकि एक मजदूर के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि अन्य को भी चोटें आई हैं।
हादसे की जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही निर्माण एजेंसी और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि स्लैब गिरने के पीछे तकनीकी खराबी थी या निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिहार की महत्वपूर्ण परियोजना है यह पुल

ताजपुर-बख्तियारपुर गंगा सेतु बिहार की बड़ी और महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में गिना जाता है। इस पुल के बनने से समस्तीपुर, पटना और आसपास के कई जिलों के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी। साथ ही लोगों का सफर भी कम समय में पूरा होगा।
पूरी परियोजना की लंबाई लगभग 51.26 किलोमीटर है। इसमें गंगा नदी पर बनने वाले मुख्य पुल की लंबाई करीब 5.51 किलोमीटर है, जबकि लगभग 45.75 किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड भी तैयार किया जा रहा है।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
यह पुल पटना जिले के बख्तियारपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को समस्तीपुर जिले के ताजपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-28 (NH-28) से जोड़ेगा। इसके चालू होने के बाद समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय की ओर जाने वाले वाहनों को नया रास्ता मिलेगा।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इन दोनों पुलों पर अक्सर लंबा जाम लगता है, जिससे लोगों का काफी समय बर्बाद होता है। नया पुल शुरू होने के बाद यात्रा अधिक सुविधाजनक और तेज होने की उम्मीद है।
कब रखी गई परियोजना की आधारशिला?

ताजपुर-बख्तियारपुर गंगा पुल की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी। उस समय बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी और इसे अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल बताया था। उन्होंने कई बार निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया। शुरुआत में इस पुल का निर्माण कार्य हैदराबाद की नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी को दिया गया था और इसे साल 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। शुरुआती दौर में काम तेज गति से चला, लेकिन बाद में निर्माण धीमा पड़ गया।
साल 2020 में काम पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद 2022 में दोबारा टेंडर जारी किया गया और निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ। फिलहाल पुल के अधिकांश पिलरों का निर्माण पूरा हो चुका है और ताजपुर से चकलालशाही तक एप्रोच रोड भी तैयार है। अब हालिया हादसे के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।
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