नेपाल में फ्लैश फ्लड से हाहाकार! बिहार के इन 6 जिलों में अलर्ट, खोले गए गंडक बराज के सभी 36 गेट
Bihar Nepal Flood Alert: नेपाल में बीते दिन बुधवार को आए भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। जिसके चलते भारत समेत नेपाल के पड़ोसी देशों की भी चिंता बढ़ गई है। ऐसे में अचानक आई इस बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। बता दे कि नेपाल के कैचमेंट क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड की वजह से गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और संबंधित जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के ऊपरी कैचमेंट में आई अचानक बाढ़ का असर गंडक नदी पर पड़ सकता है। इससे नदी में करीब तीन मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आ सकती है। इसके बाद उत्तर बिहार के नदी किनारे वाले इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से नेपाल में बारिश और वहां से बिहार की ओर आने वाले पानी की लगातार जानकारी लेने को कहा है। इसके अलावा पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली को खास तौर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीतामढ़ी और शिवहर जैसे संवेदनशील जिलों में भी निचले इलाकों पर नजर रखने को कहा गया है।
गंडक बराज के सभी 36 गेट खुले
बता दें कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए तटबंधों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं प्रशासन को कमजोर जगहों की पहचान कर तुरंत मरम्मत और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश मिले हैं। साथ ही रात के समय तटबंधों पर विशेष पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, पुल-पुलिया, बांध, तटबंध और निचले इलाकों की लगातार निगरानी करने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत कदम उठाया जा सके।
बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। बराज पर अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम को तैनात किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार , बराज तक करीब 86 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा था और इसके और बढ़ने की संभावना है। नेपाल के देवघाट गेज स्थल पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है। यहां अलर्ट लेवल 7.30 मीटर और खतरे का निशान 9 मीटर है। देवघाट में पानी बढ़ने के बाद गंडक बराज तक इसका असर पहुंचने में करीब साढ़े तीन घंटे लग सकते हैं।
NDRF और SDRF को किया गया अलर्ट
नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुंन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है। ये इलाके गंडक नदी के कैचमेंट से जुड़े हैं। वहीं दोलखा और सिंधुपालचोक में भी अचानक बाढ़ का खतरा है, जो कोसी कैचमेंट क्षेत्र में आते हैं। कोसी, बागमती और गंडक नदी के कैचमेंट से जुड़े कई अन्य इलाकों में भी मीडियम लेवल के फ्लैश फ्लड का अनुमान जताया गया है।
बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए NDRF और SDRF की एक्स्ट्रा टीमें तैयार की जा रही हैं। गोपालगंज में एक NDRF टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि दूसरी टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। बेतिया में भी NDRF की टीम को जरूरत पड़ने पर करीब 2 घंटे के अंदर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर SSB की क्विक रिस्पॉन्स टीम और दूसरे संसाधनों की मदद लेने की व्यवस्था भी की गई है।
अमित शाह ने CM सम्राट से की बात
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पहले से Evacuation Plan तैयार रखने को कहा है। प्रशासन को पर्याप्त नाव, राहत शिविर और कम्युनिटी किचन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। खतरा बढ़ने पर लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए लाउडस्पीकर और माइक का इस्तेमाल करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाएगा। वैशाली में गंडक और गंगा के किनारे बसे निचले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
वैशाली, लालगंज, हाजीपुर सदर, राघोपुर, बिदुपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग और महनार प्रखंड प्रशासन की निगरानी में हैं। वहीं नेपाल में आई बाढ़ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत की। केंद्र सरकार ने राज्य को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। NDRF को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। नेपाल में भोटेकोसी नदी के उफान की खबर के बाद सुपौल और कोसी क्षेत्र में भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि गंडक और कोसी अलग-अलग कैचमेंट से जुड़ी नदियां हैं, लेकिन नेपाल में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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