जन सुराज में बड़ी टूट! केसी सिन्हा समेत कई नेताओं ने थामा BJP का दामन
Jan Suraaj Leaders Join BJP: बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दरअसल , आज यानी बुधवार को पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। इनमें वे नेता भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस बीच पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी में शामिल होने वालों में फेमस गणितज्ञ केसी सिन्हा, कुम्हरार से जन सुराज के पूर्व उम्मीदवार रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह, दीघा विधानसभा से चुनाव लड़ चुके नेता, मनेर सीट से उम्मीदवार रहे गोपाल सिंह और जन सुराज किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष ब्रज किशोर सिन्हा शामिल हैं। इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी ने अपने संगठन की मजबूती की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
बीजेपी ने क्या कहा?
बता दें कि, बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव होना है। इस सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से है। ऐसे समय में जब चुनाव प्रचार अपने आखिरी दौर में है, जन सुराज के कई नेताओं का पार्टी छोड़ना प्रशांत किशोर के लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है। ऐसे में इसका असर चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।
वहीं BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर लगातार दूसरे दलों के नेता बीजेपी का हाथ थाम रहे हैं। उनके अनुसार, नए नेताओं के आने से पार्टी और मजबूत होगी तथा बिहार में संगठन को नई ताकत मिलेगी। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि बीजेपी आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
केसी सिन्हा ने बताई बीजेपी में आने की वजह?
वहीं, केसी सिन्हा ने बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद कहा कि उनके लिए देशहित सबसे पहले है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में तनाव और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे समय में भारत को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है ताकि देश वैश्विक स्तर पर मजबूती से खड़ा हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने के लिए गंभीर प्रयास जरूरी हैं और इसी सोच के साथ उन्होंने बीजेपी का दमान थामा है।
यह मेरी घर वापसी है: गोपाल सिंह
वहीं मनेर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके गोपाल सिंह ने बीजेपी में लौटने को अपनी "घर वापसी" बताया। उनके अनुसार, वह 1990 के दशक से बीजेपी से जुड़े रहे हैं और अब फिर उसी परिवार में लौट आए हैं। इस बीच उन्होंने जन सुराज पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में स्पष्ट दिशा और मजबूत सोच की कमी है।
उन्होंने कहा कि केवल बड़े-बड़े दावे करने से संगठन मजबूत नहीं होता। किसी भी राजनीतिक दल को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक नेतृत्व और स्पष्ट विचार जरूरी पड़ती है।
भावनाओं में फैसला लिया था: बिट्टू सिंह
इसके साथ ही जन सुराज छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह ने कहा कि जन सुराज में जाना उनका भावनात्मक फैसला था। उन्होंने माना कि उन्होंने जल्दबाजी में फैसला था और अब उसे अपनी गलती का एहसास है।
उन्होंने कहा कि अब वह पूरी निष्ठा के साथ बीजेपी में काम करेंगे। अपनी बात को अलग अंदाज में रखते हुए उन्होंने मशहूर फिल्मी गीत "जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां" की पंक्तियां भी दोहराईं।
चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज के कई नेताओं का बीजेपी में शामिल होने से बिहार की सियासी गलियों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि इस उलटफेर का असर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के नतीजों पर कितना पड़ता है। चुनावी मुकाबला पहले से अधिक दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि दोनों दल अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं।
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