UGC Assistant Professor Guidelines: बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए नई नियमावली लागू, अब 200 अंकों के आधार पर होगा चयन, NET/SET जरूरी
बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्यपाल सय्यद अता हसनैन ने बुधवार को स्टैच्यूट्स फॉर अपॉइंटमेंट ऑफ असिस्टेंट प्रोफेसस इनक्लूडिंग कॉन्ट्रैक्चुअल अपॉइंटमेंट्स ऑफ असिस्टेंट प्रोफेसर्स, 2026 को मंजूरी दे दी। नई नियमावली 1 जुलाई, 2026 से पूरे राज्य के विश्वविद्यालयों पर लागू हो गई।
बिहार के विश्वविद्यालयों में अब असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियमित (Regular) और संविदा (Contract) दोनों ही आधारों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए सरकार ने दोनों तरह की भर्ती प्रक्रियाओं, योग्यताओं (पात्रता), चयन प्रणाली और मेरिट लिस्ट तैयार करने के साफ और कड़े नियम तय कर दिए हैं।
UGC के नए नियम जानिए?

175 अंकों की लिखित परीक्षा और 25 अंकों का इंटरव्यू
बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन कुल 200 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें 175 अंकों की तीन घंटे की लिखित परीक्षा और 25 अंकों का इंटरव्यू शामिल है। इस इंटरव्यू के तहत 13 अंक टीचिंग डेमो के लिए और 12 अंक इंटरव्यू पैनल डिस्कशन के लिए निर्धारित किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने टीचिंग डेमो की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने का फैसला लिया है।
अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष की गई
नई गाइडलाइन के मुताबिक, अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा तीन साल बढ़ा कर अधिकतम 43 वर्ष तय की गई है। इससे पहले जारी ड्राफ्ट में यह सीमा 40 वर्ष थी, जिसका शोधार्थियों ने विरोध किया था। विरोध के बाद सरकार ने इसे तीन साल बढ़ा दिया। हालांकि 10वीं और 12वीं के अंकों को मेरिट से हटाने की मांग को पूरा नहीं किया गया।
PG में 55% अंक और NET/SET पास होना जरुरी
नई नियमावली के मुताबिक, असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में कम से कम 55% अंकों के साथ पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। हालांकि, बिहार के अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), पिछड़ा वर्ग (BC- नॉन क्रीमी लेयर) और दिव्यांग अभ्यर्थियों को इस न्यूनतम अंकोंमें 5% की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, आवेदकों के लिए NET या SET परीक्षा पास करना जरूरी होगा, लेकिन यूजीसी के नियमों के तहत पीएचडी डिग्री धारक उम्मीदवारों को NET से छूट मिलेगी।
सेवा आयोग की अनुशंसा पर होंगी नियुक्तियां

बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नई नियमावली के तहत असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियमित नियुक्तियां अब बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की अनुशंसा पर ही की जाएंगी। इस कदम से पूरी भर्ती प्रक्रिया के अधिक व्यवस्थित, निष्पक्ष और पारदर्शी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Join Channel