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बेंगलुरु हिंसा को लेकर भाजपा का आरोप - कांग्रेस दंगाइयों के खिलाफ ‘मुखर’ नहीं है

राजधानी बेंगलुरु के पुलाकेशी नगर में मंगलवार रात भड़की हिंसा में कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने कहा ऐसा लगता है कि ‘‘तुष्टिकरण’’ ही उसकी एकमात्र आधिकारिक नीति बन गई है।
बेंगलुरु हिंसा को लेकर भाजपा का आरोप - कांग्रेस दंगाइयों के खिलाफ ‘मुखर’ नहीं है
कर्नाटक की सत्ताधारी भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस पर उन दंगाइयों के खिलाफ ‘‘मुखर’’ न होने का आरोप लगाया जिन्होंने विपक्ष के एक विधायक पर बेंगलुरु में हमला किया। राजधानी बेंगलुरु के पुलाकेशी नगर में मंगलवार रात भड़की हिंसा में कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने कहा ऐसा लगता है कि ‘‘तुष्टिकरण’’ ही उसकी एकमात्र आधिकारिक नीति बन गई है। 
भाजपा महासचिव पी मुरलीधर राव ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘‘शर्मनाक और घृणास्पद! बेंगलुरु में कल हुई हिंसा पर कर्नाटक कांग्रेस चुप है। छद्मधारी इस दंगे के खिलाफ मुखर नहीं हैं। बेंगलुरु को अभी दंगों के डर से आजादी की आवश्यकता है। श्री बी एस येदीयुरप्पा को संपत्तियों के नुकसान के लिए दंगाइयों से वसूली करना चाहिए। बेंगलुरु बचाओ।’’ 
राव भाजपा के कर्नाटक मामलों के प्रभारी भी हैं। कर्नाटक में भाजपा का शासन है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलुरू में भीड़ द्वारा केजी हल्ली और डीजे हल्ली पुलिस थानों में भयावह हमला किया गया जिसमें 60 पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोषियों को माफ नहीं किया जा सकता। हिंसा के लिए उत्तरदायी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।’’ 
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने ट्वीट कर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ‘‘तुष्टिकरण’’ ही उसकी एकमात्र आधिकारिक नीति बन गई है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘कल बेंगलुरु में अपने दलित विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति पर हमला और उनके आवास पर तोड़फोड़ की घटना के बावजूद कांग्रेस और कर्नाटक कांग्रेस ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। दंगे के अधिकार को उसका पूरा समर्थन...? उनके लिए तुष्टिकरण ही एकमात्र आधिकारिक पार्टी नीति है।’’ 
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘14 घंटों के बाद कर्नाटक कांग्रेस की नींद खुली और उसने फेसबुक पोस्ट के लिए नवीन को और कार्रवाई में देरी के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। एक सीधा सा सवाल। क्या आपकी पार्टी ऐसे दंगों का समर्थन करती है? कांग्रेस क्यों अल्पसंख्यक समूहों द्वारा किए गए दंगों की निंदा करने में हिचकती है। कांग्रेस दंगों का समर्थन करती है।’’ 
विधायक के रिश्तेदार द्वारा ‘सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील’ मुद्दे पर सोशल मीडिया पर कथित रूप से पोस्ट करने के बाद मंगलवार रात को पुलकेशीनगर के डी जे हल्ली इलाके में हिंसा फैल गयी जिसमें तीन लोगों की जान चली गयी जबकि 50 पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गये । 
कर्नाटक कांग्रेस के नेता दिनेश गुंडू राव ने संतोष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वे इस घटना का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। राव ने कहा कि संतोष का बयान मामले का साम्प्रदायीकरण करने का प्रयास है और लोगों को जातीय आधार पर बांटने की कोशश है। उन्होंने इसे दुखद और निंदनीय करार दिया। राव ने ट्वीट कर कहा, ‘‘भाजपा और आरएसएस यही करती है। शवों पर राजनीति करती है।’’ 
संतोष ने इसका जवाब देते हुए लिखा, ‘‘कम से कम इस बात को तो स्वीकार करो कि आपके अपने दलित विधायक के घर पर हमला हुआ। पुलिस थाने को तहस नहस कर दिया गया। क्यों, क्यों, क्यों इतना तुष्टिकरण। किस बात का डर जब आपके अपने ही विधायक को निशाना बनाया गया। सीधी और स्पष्ट बात करिए सर।’’
पुलिस के मुताबिक बड़ी संख्या में लोग विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के आवास के निकट जमा हुए और तोड़फोड़ की तथा वहां खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हिंसा को रोकने की कोशिश कर रहीं पुलिस टीमों के वाहनों को भी भीड़ ने क्षतिग्रस्त कर दिया। विधायक श्रीनिवास मूर्ति ने मंगलवार को ही एक वीडियो संदेश जारी कर समुदाय के लोगों से हिंसा नहीं करने की अपील की थी। 
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