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अभियान से भाजपा को मिले 11,65,636 सुझाव : तिवारी

तिवारी ने कहा कि दिल्ली भाजपा द्वारा 'मेरी दिल्ली मेरा सुझाव' अभियान चलाया गया और दिल्ली की जनता से विजन डाक्यूमेन्ट (संकल्प पत्र) 2020 के लिए सुझाव मांगे गए थे।
अभियान से भाजपा को मिले 11,65,636 सुझाव : तिवारी
नई दिल्ली : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए तैयार किए जा रहे विजन डाक्यूमेंट-2020 के लिए पार्टी द्वारा गत तीन जनवरी से 15 जनवरी तक चलाए गए 'मेरी दिल्ली मेरा सुझाव' अभियान को लेकर गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया। इस अवसर पर तिवारी ने कहा कि दिल्ली भाजपा द्वारा 'मेरी दिल्ली मेरा सुझाव' अभियान चलाया गया और दिल्ली की जनता से विजन डाक्यूमेन्ट (संकल्प पत्र) 2020 के लिए सुझाव मांगे गए थे। 

इस सम्पर्क अभियान में दिल्ली की सभी 70 विधानसभाओं में वीडियो रथ निकाले गए और जनता के सुझाव एकत्र किए गए। इसके अलावा एक मिस्ड कॉल नम्बर जारी किया गया था। नंबर और एक वेबसाइट के माध्यम से भी सुझाव एकत्रित किए गए।उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से 11,65,636 सुझाव आये और हमने पाया कि जिन 2000 स्थानों पर सुझाव पेटियां लगाई गई थीं, वहां जनता ने विशेष उत्साह दिखाते हुए 5,83,094 सुझाव पत्र दिए हैं। 

वीडियो रथ एवं छोटी सभाओं के माध्यम से 3,36,520, टेलीफोन रिकोर्डिंग के माध्यम से 2,66,250 सुझाव आये, वहीं छोटे रथों के माध्यम से 1,57,930 सुझाव हमें मिले हैं। तिवारी ने आगे कहा कि इस सुझाव के परिणाम से यह स्पष्ट होता है कि यह सभी दिल्ली की जनता की समस्याएं हैं जिन्हें हमें दूर करना है। एकत्र सुझावों में जनता चाहती है कि सड़कों पर जलभराव की समस्या दूर हो। 

टूटी हुई सड़कों को ठीक किया जाए। प्रदूषण, परिवहन, बेराजगारी, दूषित पानी, दिल्ली के स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के पदों को भरा जाए, संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए, रेहड़ी-पटरी वालों की समस्या का निदान हो, आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिले, बेघर को घर मिले। इसके अलावा जनता ने महिला सुरक्षा एवं नागरिकता संशोधन कानून आदि के समर्थन में अपने सुझाव दिये।

भाजपा को मिले सुझाव में भी हुआ जेएनयू-शाहीन बाग का जिक्र
मेरी दिल्ली मेरे सुझाव अभियान के दौरान प्रदेश भाजपा को पेटियों में पत्र के माध्यम से जेएनयू छात्र हिंसा और शाहीन बाग में बैठी भीड़ को लेकर भी सुझाव मिले हैं। सूत्रों की माने तो अनेक पत्रों में लिखा है कि जेएनयू में जिस तरह छात्र हिंसा और अराजकता पर उतरे हुए हैं, वहां यह सब बंद होना चाहिए। 

ऐसे छात्रों को हिंसा कर देश विरोधी नारेबाजी या गतिविधियों में शामिल होने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। वहीं पत्र के माध्यम से गत एक माह से शाहीन बाग में रोड नंबर 13 की सड़क पर जबरन लोगों के बैठने, रोड बंद करने और कामकाज ठप करने को लेकर भी तीखी बातें लिखी गई हैं। जनता ने पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि केन्द्र सरकार को दखल देकर पुलिस द्वारा भीड़ को वहां से हटाना चाहिए।
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