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समान उत्तराधिकार एवं विरासत कानून को लेकर BJP नेता ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

याचिका में कहा गया है कि महिलाओं के लिए न्याय, समानता और गरिमा सुनिश्चित करने के वास्ते उत्तराधिकार एवं विरासत कानूनों का लिंग और धर्म के लिहाज से तटस्थ होना जरूरी है।
समान उत्तराधिकार एवं विरासत कानून को लेकर BJP नेता ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
समान उत्तराधिकार एवं विरासत कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी नेता द्वारा एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। बीजेपी नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि महिलाओं के लिए न्याय, समानता और गरिमा सुनिश्चित करने के वास्ते उत्तराधिकार एवं विरासत कानूनों का लिंग और धर्म के लिहाज से तटस्थ होना जरूरी है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार ने इस संदर्भ में अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के जरिए दायर याचिका में विधि आयोग को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह उत्तराधिकार और विरासत के संबंध में विकसित देशों के कानूनों और अंतरराष्ट्रीय संधियों का अध्ययन करे तथा तीन महीने के अंदर सभी नागरिकों के लिए ‘उत्तराधिकार एवं विरासत के समान आधार’ पर एक रिपोर्ट तैयार करे।

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याचिका में कहा गया है, “नागरिकों पर पड़ने वाली चोट काफी व्यापक है क्योंकि उत्तराधिकार और विरासत से संबंधित लिंग आधारित और धर्म आधारित व्यक्तिगत कानून न सिर्फ अनुच्छेद 14-15 के तहत प्रदत्त लैंगिक न्याय और लैंगिंग समानता की संवैधानिक प्रकृति के खिलाफ हैं, बल्कि महिलाओं की गरिमा के भी खिलाफ हैं जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार का महत्वपूर्ण तत्व है।”  
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