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पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायकों को कृषि विधेयकों का विरोध करना चाहिए था: चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने पंजाब में केंद्रीय कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के मकसद से लाए गए चार विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान विधानसभा में भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर मंगलवार को सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि इसे ‘राजनीतिक रूप से कायरतापूर्ण हरकत’ कहा जा सकता है।
पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायकों को कृषि विधेयकों का विरोध करना चाहिए था: चिदंबरम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने पंजाब में केंद्रीय कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के मकसद से लाए गए चार विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान विधानसभा में भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर मंगलवार को सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि इसे ‘राजनीतिक रूप से कायरतापूर्ण हरकत’ कहा जा सकता है। 
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जब सदन राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए विधेयकों पर विचार कर रहा था, तो भाजपा के विधायक पंजाब विधानसभा से दूर क्यों रहे?’’ 
चिदंबरम ने कहा, ‘‘यदि भाजपा के विधायक संसद द्वारा पारित केंद्र की नीति और कृषि अधिनियमों का समर्थन करते हैं तो उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेना चाहिए था और राज्य सरकार के विधेयकों का विरोध करना चाहिए था।’’ 
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ पंजाब के भाजपा विधायकों ने जो किया, उसे राजनीतिक रूप से कायरतापूर्ण हरकत कहा जा सकता है।’’ 
गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा ने मंगलवार को चार विधेयक सर्वसम्मति से पारित करने के साथ ही केंद्र के कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पारित किया। 
विपक्षी शिरोमणि अकाली दल, आप और लोक इंसाफ के विधायकों ने विधेयकों का समर्थन किया। भाजपा के विधायक सदन में अनुपस्थित रहे। 
राज्य सरकार के इन विधेयकों में किसी कृषि समझौते के तहत गेहूं या धान की बिक्री या खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसमें कम से कम तीन वर्ष की कैद का प्रावधान है।
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