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झारखंड में पार्टी कार्यकर्ताओं से बोले नड्डा-हम भारत की तस्वीर और तकदीर बदलने आए हैं

जेपी नड्डा ने कहा, हम राजनीति में कोई सत्ता हासिल करने के लिए नहीं आए हैं। हम भारत की तस्वीर और तकदीर बदलने आए हैं। हम कार्यकर्ता कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं हैं, हम बदलाव के दूत हैं।
झारखंड में पार्टी कार्यकर्ताओं से बोले नड्डा-हम भारत की तस्वीर और तकदीर बदलने आए हैं
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कार्यकतार्ओं को पार्टी के लक्ष्यों और सिद्धांतों से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने कहा, हम राजनीति में कोई सत्ता हासिल करने के लिए नहीं आए हैं। हम भारत की तस्वीर और तकदीर बदलने आए हैं। हम कार्यकर्ता कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं हैं, हम बदलाव के दूत हैं। 
जेपी नड्डा ने कहा, कार्यकर्ता वैक्यूम में काम नहीं करता, वो दिशा और दृष्टि लेकर काम करता है। ये दिशा और दृष्टि क्या हो, ये हमें पता होना चाहिए। केंद्र सरकार की सभी नीतियों के बारे में आपको पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, आज झारखंड में फिर से नक्सलवाद और उग्रवाद का बोलबाला है। ये कमजोर सरकार और तुष्टिकरण की निशानी है। 
कोरोना संकट काल में झारखंड के बीजेपी कार्यकतार्ओं के सेवा कार्यों की उन्होंने सराहना की और कहा कि झारखंड में बीजेपी ने करीब 12.74 लाख फूड पैकेट, 27 लाख राशन किट बांटे हैं, 42,000 लोगों ने मिलकर पीएम केयर्स में योगदान किया है। करीब 21 लाख फेस कवर और करीब 9 लाख सैनेटाइजर बांटे हैं। 
नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड को मुख्यधारा में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सारी योजनाएं यहां लागू की हैं। प्रदेश के लिए एम्स दिया गया है। एम्स तैयार होने के बाद प्रदेश के किसी व्यक्ति को दिल्ली इलाज के लिए नहीं आना होगा, उसे वहीं बेहतर इलाज उपलब्ध होगा। 
बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने वोकल फॉर लोकल के फामूर्ले पर आगे बढ़ने पर जोर दिया और कहा कि चाहे वो झारखंड में हमारी कलाकारी हो, या सांस्कृतिक विरासत के रूप में मिली कोई कला हो, उसे हमें आगे बढ़ाना है। कोरोना काल में मोदी सरकार के कार्यों की चर्चा करते हुए नड्डा ने कहा, हमारे यहां एक भी वेंटिलेटर नहीं बनता था, अब हमारे पास 3 लाख वेंटिलेटर भारत में बन चुके हैं। 
अब हमारे देश मे 4.50 लाख पीपीई किट रोजाना बन रहे हैं, जो हम दूसरे देशों को भी भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में विकसित देश भी खुद को असहाय महसूस कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रंट से कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी और देश के करोड़ों लोगों की जान बचाई। जान है तो जहान है, को अपनाते हुए प्रधानमंत्री ने समय रहते देश में लॉकडाउन लगाया। 
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