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भाजपा ने AAP पर साधा निशाना , कहा - फेल हो गया है केजरीवाल का दिल्ली मॉडल

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि केजरीवाल का दिल्ली मॉडल फेल हो गया है क्योंकि उन्होंने जो वादे किए थे उसका आधा भी पूरा नहीं किया और अब वह ‘झूठ’ के सहारे केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।
भाजपा ने AAP पर साधा निशाना , कहा - फेल हो गया है केजरीवाल का दिल्ली मॉडल
भारतीय जनता पार्टी ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी और मनरेगा कोष में कटौती को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लिया और उन पर ‘झूठ’ बोलने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि केजरीवाल का दिल्ली मॉडल फेल हो गया है क्योंकि उन्होंने जो वादे किए थे उसका आधा भी पूरा नहीं किया और अब वह ‘झूठ’ के सहारे केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब ये कहना गलत नहीं होगा कि दिल्ली मॉडल हो गया है फेल, अरविंद केजरीवाल आकर झूठ की लगा रहे हैं रेल। जो करते हैं ये वादा, उसका पूरा नहीं किया आधा।’’
उल्लेखनीय है कि केजरीवाल ने इससे पहले कहा था कि केंद्र जिस तरह से लोगों को मुफ्त सुविधाएं दिए जाने का ‘कड़ा विरोध’ कर रहा है, उससे लगता है कि उसकी वित्तीय स्थिति कुछ गड़बड़ है।
रक्षा भर्ती योजना अग्निपथ, केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 42 फीसदी से घटाकर 29 फीसदी करने, खाद्य पदार्थों पर लगाए गए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और मनरेगा कोष में 25 फीसदी कटौती का हवाला देते हुए केजरीवाल ने पूछा कि सारा पैसा कहां जा रहा है?
भाटिया ने मनरेगा के कोष में 25 प्रतिशत की कटौती के केजरीवाल के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वह ‘झूठ’ बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस योजना से गरीब, किसान, मजदूर को 100 दिन का काम मिलता है। जिस तरह से मनरेगा को प्रभावी बनाकर न केवल उसका बजट बढ़ाया गया बल्कि यह सुनिश्चित भी किया गया कि एक-एक रुपया उसके खाते में सीधा पहुंचे और भ्रष्टाचार ना हो। उस मॉडल का नाम नरेंद्र मोदी मॉडल है।’’
उन्होंने कहा कि 2021-22 में मनरेगा का बजट 73 हजार करोड़ रुपये का था और कोरोना महामारी के कारण इस बजट को 25 हजार करोड़ रुपये बढ़ाकर 98 हजार करोड़ रुपये किया गया।
भाटिया ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 42 फीसदी से घटाकर 29 फीसदी किए जाने के केजरीवाल के आरोप को ‘‘अनर्गल’’ करार दिया।
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