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लालू से मिले भाजपा के विधान पार्षद और राजद विधायक

लालू से मिले भाजपा के विधान पार्षद और राजद विधायक
अरबों रुपये के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता झारखंड की राजधानी रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाजरत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से आज रिम्स जाकर बिहार में सिवान से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान पार्षद टुन्ना जी पांडेय और बांका जिले में बेलहर से नवनिर्वाचित राजद के विधायक रामदेव यादव ने मुलाकात की। 

श्री रामदेव यादव ने राजद सुप्रीमो से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि वह श्री यादव से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने आए थे। साथ ही बिहार में हाल ही में हुए उप चुनाव में राजद के टिकट से निर्वाचित होने के बाद वह राजद अध्यक्ष से नहीं मिले थे इसलिए भी उन्होंने रिम्स आकर श्री यादव से मुलाकात की है। उन्होंने श्री लालू यादव को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती किए जाने की मांग भी की है। 

झारखंड विधानसभा चुनाव में राजद का स्टार प्रचारक बनाए जाने के बाद श्री यादव ने राजद सुप्रीमो से मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राजद अध्यक्ष ने उन्हें विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मजबूती से प्रचार करने को कहा है।

श्री रामदेव यादव ने बिहार की नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में अपराध की दर अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब की डिलिवरी अब घरों में हो रही है। मौजूदा समय में जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के विधायक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से आहत हैं। 

वहीं भाजपा के विधान पार्षद टुन्ना जी पांडेय ने कहा, ‘‘मेरी राजद अध्यक्ष श्री यादव से मुलाकात का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं। उनके साथ मेरे निजी संबंध हैं। जब मैं राजद में था तब मुझे हृदय संबंधी समस्या थी तब श्री लालू यादव मेरा कुशलक्षेम हमेशा पूछा करते थे। मेरी आज की मुलाकात महज औपचारिकता है।’’ 

गौरतलब है कि श्री यादव को चारा घोटाले के देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने 23 दिसंबर 2017 को दोषी पाकर साढ़ तीन साल कारवास की सजा सुनाई थी। हालांकि इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय से उन्हें जुलाई 2019 में जमानत मिल चुकी है लेकिन दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत नहीं मिल पाने के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
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