Dhamaal 4 Movie Review: हंसी, रोमांच और मस्ती का वही पुराना डोज, थिएटर में जानें से पहले एक बार जरूर पढ़ें ये रिव्यू
इंद्र कुमार की मल्टी स्टारर फिल्म 'धमाल 4' ने आज रिलीज होते ही सिनेमाघरों में कई लोगों के फुटफॉल बटोरे हैं। इस फिल्म को लेकर पिछले कई दिनों से फैंस एक्साइटेड दिखाई दिए थे। ऐसे में चलिए जान लेते हैं कि फिल्म में क्या है खास और क्या ये फिल्म आपके लिए वर्थफुल होगी या सिनेमाघर से निकलने के बाद आपको ये लगेगा कि बेकार में ही हमनें पैसे खर्च कर दिए, तो चलिए इस सवाल से पर्दा उठाते हुए आज हम आपको देते है इस फिल्म का पूरा रिव्यू।
- Film: धमाल
- Director: इंद्र कुमार।
- Star Cast: अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, संजय मिश्रा, रवि किशन, उपेन्द्र लिमये, अंजलि आनंद, ईशा गुप्ता और संजीदा शेख।
- Duration: 143 मिनट
- X Ratings: 3.5/5
Dhamaal 4 Movie Review: फिल्म की कहानी

'धमाल' फ्रेंचाइजी हमेशा से अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी और एंटरटेंमेंट के लिए जानी जाती रही है। चौथे पार्ट में भी निर्देशक इंद्र कुमार एक बार फिर दर्शकों को हंसी और रोमांच से भरपूर सफर पर ले जाते दिखाई दिए हैं। लेकिन इस बार क्या फिल्म में कुछ अलग है या नहीं ये देखने वाली बात है?
अगर कहानी को लेकर बात करें तो इस बार कहानी 100 साल पुराने शैतान सिंह के छिपे खजाने के इर्द-गिर्द घूमती है। इस खजाने का राज़ पृथ्वी (उपेंद्र लिमये) की याददाश्त में छिपा होता है। जैसे ही इस मिस्ट्री का सुराग मिलता है, वैसे ही सभी किरदार एक मिस्टीरियस आइलैंड की ओर दौड़ पड़ते हैं, जहां बड़े "M" निशान के नीचे खजाना दबा है। खजाने तक सबसे पहले पहुंचने की होड़ में हर कोई एक-दूसरे को मात देने की कोशिश करता है, जिससे मजेदार गलतफहमियां, अफरा-तफरी और कई हंसाने वाली घटनाएं सामने आती हैं।
लेकिन यहां गड़बड़ी यही है कि धमाल की पिछली फ्रैंचाइज़ में भी 'W' के निशान के नीचे खज़ाना दबा था और इस बार 'M' निशान के नीचे खज़ाना दबा है। इस वजह से कई फैंस का ऐसा मानना है कि इंद्र कुमार अपनी इस फिल्म में कुछ नया लेकर नहीं आए हैं। बल्कि उन्होंने कॉमेडी के नाम पर सब शब्दों को बदल दिया है, बाकी फिल्म में पूरी कॉमेडी वही है जो कि पिछली फ्रैचाइज़ी में पहले से ही दिखाई जा रही थी।
सिचुएशनल कॉमेडी का जबरदस्त तड़का

हालांकि फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी सिचुएशनल कॉमेडी को कहा जा सकता है, वरना वैसे तो देखने लायक कुछ खास नहीं है। जंगल की मुश्किलों से लेकर समुद्री लुटेरों के साथ टकराव तक, हर मोड़ पर ऐसी सिचुएशन दिखाई गई हैं, जो कि आपको जानबूझकर हंसने के लिए मजबूर करती दिखाई देंगी। फिल्म लॉजिक से ज्यादा एंटरटेंमेंट पर ध्यान देती है और यही वजह है कि कॉमेडी में भी हो सकता है कि किसी को ज्यादा हंसी ना आए। खासकर पहला हाफ तेज रफ्तार और मजेदार घटनाओं से भरपूर है, जिसमें पुराने 'धमाल' वाले अंदाज की झलक भी देखने को मिलती है।
कलाकारों की शानदार परफॉर्मेंस
अगर स्टार्स की बात करें तो अजय देवगन पूरे सेल्फ कॉन्फिडेंस और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के साथ फिल्म को संभालते दिखाई दिए हैं। वहीं संजय मिश्रा अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से कई यादगार पल देते हैं। अरशद वारसी और जावेद जाफरी की पुरानी जोड़ी भी एक बार फिर वही पुराना जादू बिखेरती दिखाई दी है, जबकि संजीदा शेख उनकी टीम में नया रंग भरती हैं। रितेश देशमुख अपने देसी अंदाज और मासूम कॉमेडी से खूब हंसाते हैं। वहीं उनकी ऑन-स्क्रीन पत्नी बनीं अंजलि आनंद भी अपने किरदार में फिट नजर आती हैं।
दूसरी ओर रवि किशन समुद्री लुटेरों के सरदार 'अधूरा' के रूप में शानदार एंट्री लेते हैं और अपने अलग स्टाइल से दर्शकों का दिल जीतते हैं। वहीं उपेंद्र लिमये कहानी के सबसे अहम किरदार के रूप में इम्प्रेसिव एक्टिंग करते दिखाई देते हैं। ईशा गुप्ता भी अपनी मौजूदगी से स्क्रीन पर ग्लैमर का तड़का लगाती हैं।
डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और संगीत

अगर डायरेक्शन की बात करें तो इंद्र कुमार ने एक बार फिर ये साबित किया है कि वो फैनिली कॉमेडी फिल्मों के माहिर डायरेक्टर हैं। फिल्म का स्क्रीनप्ले अच्छा, मनोरंजक और लगातार दर्शकों को बांधे रखने वाला है। बड़े पैमाने पर फिल्माए गए जंगल और आइलैंड के सीन बड़े पर्दे पर शानदार एक्सपीरिएंस देते हैं। वहीं अगर म्यूजिक की बता करें तो वो भी फिल्म की कहानी के मूड के हिसाब से डाले गए है। 'चटनी' और 'कहर' जैसे गाने फिल्म की एनर्जी को बनाए रखते हैं और एंटरटेंमेंट में चार चांद लगा देते हैं।
निष्कर्ष

'धमाल 4' एक ऐसी फिल्म है जो बिना किसी सीरियस मैसेज के सिर्फ एंटरटेंमेंट देती है। अगर आप पूरे परिवार के साथ हंसी और रोमांच से भरपूर फिल्म देखना चाहते हैं, तो आप इसे देख सकत है। हां लेकिन याद रखिएगा कि कहानी में कॉमेडी पुरानी फिल्मों के जैसी ही है। तो इस वीकेंड अगर आपको हल्का-फुल्का एंटरटेंमेंट चाहिए, तो 'धमाल 4' आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
Read More: OTT से हटने के बाद गुरुद्वारों में दिखाई जा रही है Diljit Dosanjh की ‘सतलुज’, जानें क्यों?

Join Channel