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दिशा सालियन की मौत की CBI जांच के अनुरोध वाली याचिका को बॉम्बे HC ने किया खारिज

हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा कि पांच अगस्त को मुंबई पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा था कि अगर किसी भी व्यक्ति को दिशा सालियन की मौत से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह पुलिस से संपर्क कर सकता है।
दिशा सालियन की मौत की CBI जांच के अनुरोध वाली याचिका को बॉम्बे HC ने किया खारिज
दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में सीबीआई जांच के अनुरोध वाली याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को इस मामले में कोई जानकारी है, तो वह पुलिस से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र है। 
मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ ने गुरुवार को कहा कि ऐसी कोई याचिका दायर करने के लिए याचिकाकर्ता, दिल्ली स्थित अधिवक्ता पुनीत ढांडा का मामले से कोई संबंध (लोकस स्टैंडाइ) नहीं है। हाई कोर्ट ने सवाल किया, "आप कौन हैं? अगर दिशा सालियन नामक व्यक्ति की मौत में कोई गड़बड़ी है, तो उसका परिवार कानून के अनुसार उचित कदम उठा सकता है।"
इस साल आठ जून को उपनगरीय मलाड में एक रिहायशी इमारत की 14 वीं मंजिल से गिरने से 28 वर्षीय सालियन की मौत हो गयी थी। इस संबंध में नगर पुलिस ने दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी। ढांडा ने अपनी याचिका में अनुरोध किया था कि दिशा सलियन की मौत का मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए और हाई कोर्ट द्वारा इसकी निगरानी की जाए। 
कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा कि पांच अगस्त को मुंबई पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा था कि अगर किसी भी व्यक्ति को दिशा सालियन की मौत से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह पुलिस से संपर्क कर सकता है। कोर्ट ने कहा, "यह दिखाने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है कि याचिकाकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया है। याचिकाकर्ता ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।"
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था और ढांडा को पहले हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया। उसके बाद ढांडा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता के वकील विनीत ढांडा ने दलील दी कि कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि सालियन की हत्या हुयी है और पुलिस ने उचित जांच किए बिना मामले को बंद कर दिया है। पीठ ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता के पास कोई जानकारी है तो वह पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। 
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