Life Insurance Claim: क्या मरने के 8 दिन बाद बीमा कंपनी देती है क्लेम? कोर्ट के इस फैसले ने सुलझाई पूरी पहेली
देश में कई लोगों के मन में अक्सर यह सवाल चलता रहता है कि अगर किसी व्यक्ति की बीमा पॉलिसी लेने के कुछ ही दिनों बाद मौत हो जाए, तो क्या बीमा कंपनी क्लेम देगी या नहीं। इस दौरान हाल ही में आए के मामले ने इस पहेली को सुलझाने का काम किया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि पूरे मामले को आसान भाषा में। बता दें कि एक महिला की बीमा पॉलिसी शुरू होने के सिर्फ 8 दिन बाद मौत हो गई। इसके बाद बीमा कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया, लेकिन मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा और आखिरकार फैसला परिवार के पक्ष में आया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने एक जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी थी और समय पर उसका प्रीमियम भी जमा कर दिया था। पॉलिसी शुरू होने के केवल 8 दिन बाद उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने बीमा कंपनी से बीमा राशि देने का दावा किया। लेकिन, बीमा कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। कंपनी का कहना था कि पॉलिसी लेते समय महिला ने अपनी सेहत से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई थी। इसी वजह से कंपनी ने दावा खारिज कर दिया।
उपभोक्ता आयोग ने क्या कहा?

ऐसे में परिवार ने बीमा कंपनी के फैसले को चुनौती देते हुए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और दस्तावेजों की गहराई से जांच की। इस दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी अपने आरोपों को साबित करने के लिए पूरे सबूत पेश नहीं कर सकी।
आयोग ने साफ कहा कि सिर्फ शक या अनुमान के आधार पर किसी बीमा क्लेम को खारिज नहीं किया जा सकता। आयोग का कहना था कि अगर बीमा कंपनी ने सभी दस्तावेजों की जांच के बाद पॉलिसी जारी की है, तो बाद में क्लेम रोकने के लिए उसके पास ठोस और स्पष्ट सबूत होना जरूरी है।
परिवार को कितनी राशि मिली?

उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को महिला के परिवार को 20 लाख रुपये की बीमा राशि देने का आदेश दिया। इसके साथ ही ब्याज और अन्य देय राशि जोड़कर कुल भुगतान लगभग 20.25 लाख रुपये करने के निर्देश दिए गए। आयोग ने यह भी कहा कि अगर तय समय के अंदर भुगतान नहीं किया जाता है, तो बीमा कंपनी को एक्स्ट्रा ब्याज भी देना होगा।
यह फैसला उन सभी बीमा पॉलिसीधारकों (Policyholders) के लिए महत्वपूर्ण है जो यह सोचते हैं कि पॉलिसी लेने के कुछ दिनों बाद मौत होने पर क्लेम नहीं मिलेगा। अगर बीमा कंपनी बिना ठोस कारण या पूरे सबूत के क्लेम खारिज करती है, तो पॉलिसीधारक का परिवार कानूनी कार्रवाई कर सकता है। उपभोक्ता आयोग (Consumer Commission) ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनता है और सही पाए जाने पर बीमा कंपनी को भुगतान करने का आदेश दे सकता है।
बीमा क्लेम करते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान बातों

- पॉलिसी लेते समय सभी जानकारी सही और पूरी दें।
- स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी जानकारी न छिपाएं।
- प्रीमियम समय पर जमा करें।
- पॉलिसी के सभी डाक्यमेन्ट सुरक्षित रखें।
- क्लेम से जुड़े सभी जरूरी कागजात टाइम पर जमा करें।
Amit Kumar
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अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।
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