अपहरण कर फिरौती मांगने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, सात आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान पुलिस ने जयपुर के बगरू थाना क्षेत्र से अपहरण कर फिरौती मांगने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर सात कुख्यात अपराधियों को हथियार सहित गिरफ्तार किया तथा बंधक बनाये गये तीन युवकों को मुक्त कराया है। 

पुलिस ने रविवार को अजमेर रोड पर एक टाउनशिप से गिरोह के चंगुल से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और बीकानेर के तीन युवकों को मुक्त करा कर गिरोह में शामिल एक युवती सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया। गिरोह के अधिकतर सदस्य हरियाणा से हैं। 

पुलिस आयुक्त आनन्द श्रीवास्तव ने बताया कि देर रात दो बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि महापुरा में रामू ढाबे के पास गुजरात नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो गाड़ी में पांच हथियाबंद लोग सवार हैं। 

उन्होंने वर्ना कार में आ रहे चार व्यक्तियों को रोक कर हथियार दिखाया और उनके साथ मारपीट कर वर्ना कार को लूट ले गये। बदमाशों ने वर्ना कार में सवार चार व्यक्तियों में से सार्थक सक्सेना को अपनी स्कॉर्पियो कार में डाल कर अपहरण कर लिया। 

उन्होंने बताया कि सूचना पर पुलिस दल ने नाकांबदी कराई। चश्मदीद लोगों से पूछताछ में पता चला कि स्कॉर्पियो गाड़ी ओमेक्स सिटी के शंकरा रेजिडेंसी की ओर गई है। 

पुलिस ने उसके बाद 600 फ्लैट की टाउनशिप में तलाश अभियान चलाया और अपहरण के मामलें में सात आरोपियों को दो देशी हथियार के साथ गिरफ्तार किया। देर रात तीन बजे शुरू हुआ तलाश अभियान लभगभ 12 घंटे चला। 

पुलिस उपायुक्त विकास शर्मा ने बताया कि जब पुलिस दल टाउनशिप में प्रवेश कर रहा था, उसी दौरान दल ने एक व्यक्ति को वहां से भागते हुए देखा। दल ने उसे जब पकड़ा तो पता चला पिछले कई दिनों से तीन युवकों को टाउनशिप के एक फ्लैट में बंधक बना रखा है। बंधकों को बुरी स्थिति में रखा गया था। पुलिस ने उन्हें मुक्त करवाया। 

शर्मा ने बताया कि टाउनशिप के कई ब्लॉकों में बने 600 फ्लैट्स में से सीसीटीवी फुटेज और अन्य सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने तीन ब्लॉकों की पहचान कर सर्च आपरेशन किया जिसमें विभिन्न ब्लॉकों में से छह आरोपियों को पकड़ा गया।
 
उन्होंने बताया कि आरोपियों में से एक आरोपी टाउनशिप की छत के पानी के टैंक में छिपा हुआ था। आरोपियों के कब्जे से दो हथियार और 8 कारतूस बरामद किए गए हैं। 

शर्मा ने बताया कि अपहरणकर्ताओं से मुक्त कराए गए युवकों की पहचान आंध्र प्रदेश के मलंग शाह (34), महाराष्ट्र के लुफ्तान (20) और बीकानेर के शहजाद (35) के रूप में की गई है। 

आंध्रप्रदेश के मलंग शाह एक ट्रस्ट चलाते हैं और आरोपियों ने बड़ी रकम दान में देने के लिए उन्हें बुलाया था जबकि लुफ्तान और उनके दोस्त शहजाद को सस्ती दर पर बिटकॉइन उपलब्ध कराने के वादे पर बुलाया गया था। 

उपायुक्त ने बताया कि आरोपी तीनों बंधक बनाए गए युवकों से फिरौती के रूप में बड़ी रकम कमाना चाहते थे। तीनों युवकों को एक फ्लैट में बंधक बना रखा था और तीनों बंधकों में से एक भी युवक आरोपियों की मांग पूरी करने की स्थिति में नहीं था। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दे रखी थी। इसकी जानकारी किसी को नहीं थी यहां तक कि युवकों के परिजनों को भी नहीं पता था कि उनका अपहरण हो चुका है। बंधक युवकों ने सारी उम्मीदें छोड़ दी थीं क्योंकि उनका किसी से संपर्क नहीं था। 

उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने बंधक बनाए गए तीनों युवकों को बुरी तरह यातनाएं दी थी और उनकी पिटाई की थी। तीनों युवकों में से एक भी सही तरीके से चल नहीं पा रहा था। 

उपायुक्त ने बताया कि गिरफ्तार सातों आरोपियों में शामिल युवती एक आरोपी की मित्र थी। पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी अपने लक्ष्य को चंगुल में फंसाने के लिए हवाई टिकट और होटल के कमरे बुक कराते रहते थे। 

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जितेन्द्र कुमार (21), दीपक कुमार (22), अनुपम सोनी (19), पवन कुमार (20), भवानी सिंह (19), लोकेन्द्र सिंह (24) और कलजीत कौर उर्फ मोना (21) के रूप में की गई है। 

उन्होंने बताया कि लोकेन्द्र राजस्थान के झुझुनूं जिले और मोना जयपुर निवासी है जबकि अन्य आरोपी हरियाणा निवासी है। 

पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। टाउनशिप में रह रहे लोगों को वहां चल रही आपराधिक गतिविधियों के बारे में पता नहीं था। 

टाउनशिप में कई थाना क्षेत्रों के लगभग 100 पुलिसकर्मियों और आधुनिक हथियारों से लैस आतंकवादी विरोधी दस्तों ने सर्च आपरेशन किया। 
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