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कठुआ गैंगरेप मामले में पीड़ित पक्ष की महिला वकील पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए केस दर्ज

राजावत ने सोशल मीडिया पर कमेंट करने के बाद अपने घर के बाहर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों की छोटी भीड़ को जो नारेबाजी कर रहे थे, उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस की मदद मांगी थी।
कठुआ गैंगरेप मामले में पीड़ित पक्ष की महिला वकील पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए केस दर्ज
आज कल सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली पोस्ट होना एक आम बात हो गई है क्योंकि कई ऐसे तत्व डिजिटल माध्यम को अपना प्रोपगैंडा फैलाने के लिए एक उपकरण के रूप में प्रयोग कर रहे हैं लेकिन इस बार जम्मू कश्मीर की महिला वकील पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाकर केस दर्ज किया गया।  

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में एक महिला वकील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस सम्बन्ध में पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि अधिवक्ता दीपिका सिंह राजावत पर विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच दुश्मनी और नफरत पैदा करने के लिए आईपीसी की धारा 295 ए और 505 (बी) (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि जम्मू की रहने वाली वकील ने पिछले मंगलवार को एक कार्टून ट्वीट किया था जिसमें हिंदू समुदाय के सदस्यों द्वारा आपत्ति जताई गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि राजावत ने सोशल मीडिया पोस्ट को सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए किया था। पिछले हफ्ते, राजावत ने सोशल मीडिया पर कमेंट करने के बाद अपने घर के बाहर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों की छोटी भीड़ को जो नारेबाजी कर रहे थे, उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस की मदद मांगी थी।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि ट्वीट और अन्य तकनीकी विवरणों के आधार पर साइबर सेल की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले महिला वकील जनवरी 2018 में तब सुर्खियों में आई थी, जब उन्होंने जम्मू के कठुआ जिले के रसाना गांव में 8 वर्षीय आदिवासी बकरवाल बच्ची के परिवार का प्रतिनिधित्व किया था। बच्चा का दुष्कर्म किया गया था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी।
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